बंधक संकट : सरकार को शीघ्र समाधान का भरोसा (लीड-3)
उड़ीसा में अगवा जिलाधिकारी और नक्सलियों द्वारा अगवा जिलाधिकारी और इंजीनियर सुरक्षित हैं और 'जल्द' ही मामले का समाधान निकाल लिए जाने की उम्मीद है। मामले के समाधान के लिए सोमवार को दूसरे दिन भी नक्सलियों द्वारा नियुक्त तीन मध्यस्थों और सरकार के बीच बातचीत हुई।
उड़ीसा के गृह सचिव यू. एन. बेहरा ने सोमवार को कहा कि नक्सलियों द्वारा अगवा जिलाधिकारी और इंजीनियर सुरक्षित हैं और 'जल्द' ही मामले का समाधान कर लिया जाएगा।
मलकानगिरी के जिलाधिकारी आर. विनील कृष्णा और जूनियर इंजीनियर पबित्र मोहन मांझी की रिहाई के लिए बेहरा और पंचायती राज सचिव एस. एन. त्रिपाठी ने सोमवार को राज्य के अतिथि गृह में नक्सलियों के मध्यस्थ जी. हरगोपाल, आर. सोमेश्वर राव और दंडपाणि मोहंती के साथ दूसरे दौर की बातचीत शुरू की। बातचीत का पहला दौर रविवार को शुरू हुआ था। सोमवार को भी घंटों की बातचीत के बावजूद किसी निर्णय पर नहीं पहुंचा जा सका।
दोपहर के भोजन के दौरान बेहरा ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "उनकी ओर से जो भी मुद्दे उठाए गए हैं, उस पर बातचीत जारी है। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि बंधक पूरी तरह सुरक्षित हैं। उम्मीद है कि जल्द ही मामले को निपटा लिया जाएगा।" उन्होंने सोमवार को हुई बातचीत का ब्योरा देने से इंकार कर दिया।
नक्सलियों के मध्यस्थ दंडपाणि मोहंती ने उम्मीद जताई कि सरकार विभिन्न जेलों में बंद 629 निर्दोष लोगों की रिहाई के लिए जल्द ही कारगर कदम उठाएगी, जिन्होंने कोई अपराध नहीं किया है और जिन पर झूठे मामले दर्ज हैं।
जी. हरगोपाल ने हालांकि कहा कि नक्सलियों के साथ बातचीत लंबी खिंच सकती है, क्योंकि उनके नेता गांति प्रसादम को अब तक जेल से रिहा नहीं किया गया है। एक स्थानीय टेलीविजन चैनल से बातचीत में उन्होंने कहा, "गांति प्रसादम यदि उन्हें मंत्रणा के लिए उपलब्ध हो जाते हैं तो बातचीत की प्रक्रिया तेज हो जाएगी।"
सूत्रों के अनुसार राज्य पुलिस ने अदालत से प्रसादम का जेल स्थनानांतरण वारंट हासिल कर लिया है और उसे शनिवार रात ही आंध्र प्रदेश की जेल से ले आई है।
जिलाधिकारी की रिहाई को लेकर राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हुई बातचीत को सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई बताया और कहा, "रविवार को सरकार के प्रतिनिधियों और मध्यस्थों के बीच सभी मांगों पर विचार-विमर्श किया गया। अधिकांश मांगों को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया सकारात्मक थी।"
जिलाधिकारी आर. विनील कृष्णा की रिहाई को लेकर नक्सलियों ने सरकार को मांगों की एक सूची सौंपी है, जिसमें नक्सल-विरोधी अभियान रोकने, एक शीर्ष नेता की रिहाई, बहुराष्ट्रीय कम्पनियों के साथ हुए समझौतों को रद्द करने और पुलिस हिरासत में मारे गए नक्सल समर्थकों के परिवारों को मुआवजा देने की मांग शामिल है। मलकानगिरी जिले के जिलाधिकारी कृष्णा और एक जूनियर इंजीनियर पबित्र मोहन मांझी को नक्सलियों ने 16 फरवरी को अगवा कर लिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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