लीबिया में सत्ता विरोधी प्रदर्शन में 200 मरे

लीबिया में 41 वर्षो से शासन कर रहे मुअम्मार गद्दाफी से इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनकारी जान की बाजी लगाते हुए सड़कों पर उतर आए हैं। 60 लाख आबादी वाले लीबिया के पास अफ्रीका में एक सबसे बड़ा तेल भंडार है।

इस बीच सरकार ने संवाददाताओं के बेनगाजी जाने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही संचार के साधन इंटरनेट, मोबाइल फोन कनेक्शन काट दिए गए हैं।

लीबियाई प्रदर्शनकारी मिस्र एवं ट्यूनिशिया में हुई सफल क्रांतियों से उत्साहित हैं। ट्यूनिशिया के नेता जिने अल-अबीदीन बेन अली को जनवरी में कुर्सी छोड़नी पड़ी थी, जबकि मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक ने 11 फरवरी को इस्तीफा दे दिया।

लीबियाई नागरिकों ने प्रदर्शनकारियों पर हमले को नरसंहार करार दिया है।

समाचार एजेंसी डीपीए ने बेंगझई के एक लीबियाई व्यापारी की अलजजीरा चैनल से बातचीत का हवाला देते हुए कहा है, "यह एक बड़ा नरसंहार है। हमने इससे पहले ऐसा कुछ नहीं सुना था। यह भयावह है। अस्पतालों में जगह-जगह खून बह रहे हैं, क्योंकि घायलों की बड़ी तादाद को उपचार के लिए वहां भर्ती कराया गया है।"

सुरक्षा बलों ने पिछले सप्ताह हमले में जान गंवाने वाले प्रदर्शनकारियों की मौत पर शोक मनाने वालों को भी नहीं बख्शा और शनिवार को उन्हें भी निशाना बनाया।

बेनगाजी में एक अस्पताल के डॉक्टर ने अलजजीरा टीवी से बातचीत में कहा कि पिछले दो दिनों में 200 लोग मारे गए हैं।

एक अन्य डॉक्टर ने कहा कि उनका अस्पताल ऐसे हालत को नियंत्रित करने में सक्षम नहीं है। उनके अनुसार "घायलों की बड़ी तादाद अस्पताल में आ रही है। सभी गंभीर रूप से घायल हैं। किसी के सिर में गोली लगी है, किसी की छाती में और किसी के पेट में। घायलों और मरने वालों में सभी 13 से 35 साल की उम्र के हैं। कोई पुलिस कर्मी या सेना का जवान घायल नहीं है। यह पूरी तरह गोली मारकर हत्या करने की नीति है।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+