मंत्रमुग्ध से देखते रहे ताज का सौंदर्य
आगरा, 20 फरवरी (आईएएनएस)। सूर्यास्त के समय रंगीन रोशनी से सराबोर ताजमहल का नजारा आंखों के सामने हो तो इसके सौंदर्य से चकित रह जाना लाजिमी ही है। एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिकी देशों से आए करीब 60 मंत्रियों और राजनयिकों का भी ताज के दीदार के समय यही हाल हुआ।
खूबसूरत, शानदार, अमूल्य, अद्वितीय, और न जाने ऐसे कितने ही विशेषण 17वीं सदी की इस बेशकीमती इमारत को देखकर इन हस्तियों के मुंह से निकलते रहे।
हर एक गणमान्य ताज को हर एक नजरिए और हर कोने से देखना चाहता था। कैमरों के फ्लैश लगातार चमकते रहे। कोई प्रसिद्ध बैंच पर बैठकर फोटो खिंचवा रहा था तो कोई बाह्य द्वार से ताज का नजारा आंखों में भर लेना चाहता था।
शनिवार को नई दिल्ली में समाप्त हुई कांफ्रेंस ऑफ द लीस्ट डेवलप्ड कंट्रीज (एलडीसीएस) के बाद भारत दर्शन के इस छोटे से दौरे पर निकले तीनों उपमहाद्वीप के विभिन्न देशों के 60 से ज्यादा मंत्रियों और राजनयिकों ने अपनी यात्रा के इससे ज्यादा खूबसूरत अंत की उम्मीद नहीं की थी।
दिल्ली में हुई कांफ्रेंस में संयुक्त बयान जारी करने के लिए लंबी कूटनीतिक वार्ता करने के बाद यह राजनयिक विशेष विमान से सूर्यास्त के समय ताजमहल देखने आगरा पहुंचे। इन विशेष अतिथियों को ताजमहल के ऐसे हिस्सों में जाने की इजाजत दी गई थी जहां आम पर्यटकों को जाने की इजाजत नहीं है।
पश्चिमी अफ्रीका के देश सियरा लियोन के विदेश मंत्री जोसेफ बंडाबाला डौडा ने आईएएनएस से कहा, "यह शानदार और खूबसूरत अनुभव है। मैं इसे कभी नहीं भूलूंगा।"
संयुक्त राष्ट्र में बेनिन के स्थाई प्रतिनिधि जीन फ्रांसिस रेगिस जिंसोउ ने कहा, "हमारी यात्रा का इससे अच्छा अंत नहीं हो सकता था, यह बेहद प्यारा अनुभव रहा।"
नाइजर की विदेश मंत्री अमिनाता दिजबिरिला मैगा ने कहा, "यह बेहद खूबसूरत और जीवंत है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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