मार्च तक महंगाई दर 7 फीसदी हो जाएगी : प्रणब
थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति की दर जनवरी माह में मामूली घटकर 8.23 फीसदी हो गई जबकि दिसम्बर में यह 8.43 फीसदी थी।
मुखर्जी ने सोमवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "दिसम्बर में थोक मूल्य सूचकांक पर आधारित वार्षिक मुद्रास्फीति की दर 8.43 फीसदी थी जो जनवरी में घटकर 8.23 फीसदी हो गई है। यह गिरावट हालांकि बहुत मामूली है लेकिन सहज है।"
उन्होंने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि मार्च तक यह घटकर सात फीसदी पर आ जाएगी।"
सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक विनिर्मित वस्तुओं की कीमतों में जनवरी माह के दौरान 3.75 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई। सूचकांक में विनिर्मित वस्तुओं की हिस्सेदारी 65 फीसदी है।
खाद्य पदार्थो की कीमतों में वृद्धि के कारण मुद्रास्फीति की दर लम्बे समय से ऊंचे स्तर पर बनी हुई है। सूचकांक में खाद्यान्नों की हिस्सेदारी 14.33 फीसदी है।
पिछले माह की 29 तारीख को समाप्त सप्ताह के दौरान खाद्यान्न मुद्रास्फीति की दर घटकर 13.07 फीसदी हो गई, जबकि यह इससे पूर्व के सप्ताह के दौरान 17.05 फीसदी तक पहुंच गई थी।
भारतीय रिजर्व बैंक के प्रयासों के बावजूद मुद्रास्फीति की दर चार-फीसदी की सामान्य दर से काफी ऊपर है। रिजर्व बैंक ने चालू वित्त वर्ष के लिए अनुमानित मुद्रास्फीति की दर 5.5 फीसदी से बढ़ाकर सात फीसदी कर दी है।
चालू वित्त वर्ष में औसत मुद्रास्फीति की दर 7.44 फीसदी रही जबकि पिछले साल जनवरी में यह दर 9.42 फीसदी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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