अंतिम समय में मंत्रिमंडल से बाहर किया गया कुरैशी को
'जियो न्यूज' के हवाले से खबर दी गई है कि रेल मंत्री गुलाम अहमद बिलौर ने बताया कि कुरैशी के लिए कुर्सी रखी गई थी और उन्हें शपथ दिलवाने की पूरी तैयारी थी लेकिन अंतिम समय में उनके लिए रखी गई कुर्सी वहां से हटा दी गई।
उन्होंने कहा, "जब मैं राष्ट्रपति भवन पहुंचा तो शाह महमूद कुरैशी के लिए कुर्सी रखी थी और अन्य लोगों के साथ उन्हें भी शपथ दिलाने की तैयारी थी लेकिन शपथ ग्रहण समारोह से कुछ पल पहले ही उनकी कुर्सी हटा दी गई।"
भारत व पाकिस्तान द्वारा दोनों देशों के बीच लम्बे समय से ठहरी हुई द्विपक्षीय वार्ता दोबारा शुरू करने का निर्णय लिए जाने के एक दिन बाद ऐसा हुआ। प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी के 22 सदस्यीय मंत्रिमंडल में कुरैशी को शामिल नहीं किया गया। राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई थी।
दरअसल कुरैशी अपना विभाग बदले जाने को लेकर नाखुश थे। जियो टीवी के हवाले से कहा गया है कि कुरैशी को जल एवं बिजली मंत्रालय दिया जा रहा था लेकिन वह इसके लिए तैयार नहीं थे। वह इसे अपनी अवनति के रूप में देख रहे थे।
कुरैशी पिछले तीन सालों के दौरान पाकिस्तान की विदेश नीतियों सम्बंधी पहलों के मामले में अग्रणी भूमिका निभाते रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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