'इच्छा मृत्यु' की इजाजत न मिलने पर आमरण अनशन

बांदा, 11 फरवरी (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में बांदा के बबेरू कस्बे में हृदय रोग से पीड़ित एक दलित छात्रा ने राष्ट्रपति से 'इच्छा मृत्यु' की इजाजत न मिलने पर गुरुवार से आमरण अनशन शुरू कर दिया है। आर्थिक बदहाली के चलते उपचार में असफल रहने पर वह मौत को गले लगाना चाहती है।

बांदा जनपद के बबेरू कस्बे के जमुनिहा पुरबा के अनुसूचित वर्गीय शिवबली की बेटी सोनम कस्बे के एक इंटर कालेज में 12वीं कक्षा की छात्रा है। वह काफी अरसे से हृदय रोग से पीड़ित है। उसके दोनों गुर्दे भी खराब बताए जा रहे हैं। उसके पिता की आर्थिक स्थ्िित बेहद कमजोर है। उपचार में भारी कर्ज भी हो गया है।

सोनम ने 23 दिसम्बर को राष्ट्रपति के पास चिट्ठी भेजकर 'इच्छा मृत्यु' या उपचार की व्यवस्था कराने की मांग की थी। जिला प्रशासन ने 26 दिसम्बर को उसे जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया, मगर दस दिन बाद उसे वापस घर भेज दिया गया। तब से वह अपने घर में तड़प रही है।

बबेरू के प्रभारी थानाध्यक्ष अकील अहमद ने बताया कि दलित छात्रा सोनम ने 'इच्छा मृत्यु' या उपचार की मांग को लेकर गुरुवार की दोपहर कस्बे के मुख्य चौराहे पर आमरण अनशन शुरू कर दिया है।

बबेरू के उपजिलाधिकारी एस़ राजलिंगम ने बताया, "पीड़ित छात्रा की दशा से शासन को अवगत करा दिया गया है।"

मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एमपी सिंह ने बताया कि उपचार के लिए आर्थिक सहायता की पत्रावली शासन में लम्बित है।

सोनम का कहना है कि बीमारी से उसके दोनों गुर्दे खराब हो चुके हैं, पिता की आर्थिक स्थिति बेहद खराब है। सरकारी मदद संभव नहीं है, इसलिए उसने राष्ट्रपति से 'इच्छा मृत्यु' मांगी थी, मगर वह भी नहीं मिली। अब वह भूख हड़ताल कर मरना चाहती है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+