अमेरिका ने पाक के साथ द्विपक्षीय आदान-प्रदान स्थगित किए (लीड-1)
समाचार पत्र 'द वाशिंगटन पोस्ट' ने अमेरिकी और पाकिस्तानी अधिकारियों के हवाले से कहा कि ओबामा प्रशासन ने अपने प्रमुख सहयोगी पाकिस्तान के साथ सभी द्विपक्षीय उच्चस्तरीय संवाद स्थगित कर दिए हैं।
डेविस ने लाहौर में 27 जनवरी को एक व्यस्त चौराहे पर एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों की गोली मारकर हत्या कर दी थी। उसके बाद डेविस को गिरफ्तार कर लिया गया था। गोलीबारी के बाद डेविस ने अमेरिकी वाणिज्य दूतावास को फोन किया था और एक दल डेविस की मदद के लिए पहुंचा था। लेकिन दल के वाहन ने एक अन्य मोटरसाइकिल सवार को कुचल दिया था और उसकी मौत हो गई थी।
मीडिया रपट में कहा गया है कि इस मुद्दे को लेकर वाशिंगटन और इस्लामाबाद के बीच सम्बंधों में बुरी तरह तनाव पैदा हो गया है।
अमेरिकी विदेश विभाग ने सोमवार को कहा था कि डेविस (36) एक राजनयिक पासपोर्ट धारक हैं और वह इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास के तकनीकी एवं प्रशासनिक कर्मचारियों में से एक हैं। इस लिहाज से विएना कन्वेंशन के अनुसार वह पूर्ण आपराधिक प्रतिरक्षा के अधिकारी हैं।
विदेश विभाग ने अपने बयान में कहा कि ओबामा प्रशासन एवं कांग्रेस ने उच्च स्तर पर बार-बार स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान सरकार को इस मामले को सुलझा लेना चाहिए, अन्यथा इसका अन्य द्विपक्षीय मामलों पर असर पड़ सकता है।
समाचार पत्र 'डान' की रिपोर्ट के मुताबिक राजनयिक सूत्रों ने कहा कि यह विवाद इस वर्ष के लिए प्रस्तावित तीन प्रमुख कार्यक्रमों पर असर डाल सकता है। इनमें राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी की वाशिंगटन यात्रा, अमेरिका-पाकिस्तान की अगले दौर की रणनीतिक बातचीत और पाकिस्तान, अफगानिस्तान व अमेरिका के बीच तृस्तरीय बातचीत शामिल हैं।
मीडिया रपट में कहा गया है कि पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने पिछले सप्ताह एक अंतर्राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए जर्मनी की यात्रा स्थगित कर दी थी, क्योंकि वाशिंगटन ने इस्लामाबाद से कह दिया था कि इस विवाद के कारण विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन उनसे सम्भवत: नहीं मिल पाएंगी।
एक राजनयिक सूत्र ने कहा कि अगले महीने प्रस्तावित जरदारी की यात्रा में देरी से दुनिया में गलत संदेश जाएगा और पाकिस्तान में भी उन्हें शर्मशार होना पड़ेगा।
दोनों देशों के बीच यह राजनयिक विवाद पाकिस्तान को अमेरिका द्वारा हर वर्ष दिए जाने वाली 1.5 अरब डॉलर की सहायता पर भी असर डाल सकता है।
वाशिंगटन में एक राजनयिक सूत्र ने कहा, "पाकिस्तान डेविस को राजनयिक प्रतिरक्षा जारी करने और उन्हें वापस अमेरिका भेजने के लिए सैद्धांतिक रूप से सहमत है। लेकिन पाकिस्तान सरकार, खासतौर से एक पीड़ित की विधवा द्वारा रविवार को आत्महत्या किए जाने के बाद राजनीतिक नतीजों को लेकर डरी हुई है।"
'वाशिंगटन पोस्ट' के मुताबिक एक पाकिस्तानी खुफिया अधिकारी ने कहा कि स्थिति जटिल है, क्योंकि डेविस ने जिन दोनों व्यक्तियों को मारा है, वे हथियारबंद लुटेरे नहीं थे, बल्कि उनका पीछा करने के लिए तैनात किए गए खुफिया एजेंट थे।
अधिकारी ने कहा कि दोनों व्यक्तियों ने डेविस को इसलिए धमकाया था, क्योंकि डेविस एक 'रेड लाइन' लांघ गए थे। लेकिन अधिकारी ने 'रेड लाइन' की व्यख्या नहीं की।
दूसरी ओर राजनयिक रेमंड एलन डेविस ने स्वीकार किया है कि 27 जनवरी को जब वह लाहौर में सड़क पर अपने वाहन से जा रहे थे, तब मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों द्वारा उन्हें धमकाए जाने पर उन्होंने गोली चलाई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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