सिमी सदस्यों की रिहाई की जांच हो : कांग्रेस
भोपाल, 4 फरवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश में विपक्षी कांग्रेस पार्टी ने सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार के मंत्री एवं अधिकारियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने तीन करोड़ रुपये की रिश्वत लेकर प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) के पांच कार्यकर्ताओं को गणतंत्र दिवस के दिन जेल से रिहा करवा दिया।
कांग्रेस प्रवक्ता के.के. मिश्रा ने शुक्रवार को इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
उन्होंेने कहा, "कांग्रेस पार्टी, भाजपा नेताओं और मध्य प्रदेश सरकार के अधिकारियों पर गंभीरतापूर्वक आरोप लगा रही है कि उन्होंने सिमी कार्यकर्ताओं की रिहाई की साजिश रची।"
मिश्रा ने दावा किया, "जेल मंत्री जगदीश देवड़ा, जेल मामले के प्रधान सचिव सुदेश कुमार, कारागार महानिदेशक वी.के. पवार और भाजपा के प्रदेश सचिव तपन भौमिक ने सिमी सदस्यों की रिहाई के लिए तीन करोड़ रुपये लिए। इसमें भौमिक की मुख्य भूमिका रही है।"
मिश्रा ने आईएएनएस से कहा, "भाजपा नेताओं के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) व सिमी कार्यकर्ता एक जैसे हैं और वे एक-दूसरे की मदद करते रहे हैं। मैं खुलासा करूंगा कि पैसे कैसे और कहां से आए।"
गौरतलब है कि प्रत्येक गणतंत्र दिवस एवं स्वतंत्रता दिवस पर सरकार आधी सजा पूरी करने वाले और इस दौरान बेहतर आचरण करने वाले कैदियों को रिहा करती है।
उल्लेखनीय है कि उज्जैन के खाचरोड उप कारागार प्रशासन ने 26 जनवरी को पांच सिमी सदस्यों- जादिल परवाज, ऐयाज रियाज अहमद, अकबर अहमद खान, मेहरुद्दीन शेख और इरशाद अली को रिहा किया था। इन सभी को राष्ट्र-विरोधी साहित्य रखने के आरोप में 31 मार्च, 2008 को गिरफ्तार किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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