शहीद संदीप उन्नीकृष्णन के चाचा की हालत गंभीर
राम मनोहर लोहिया अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक टी.एस. सिद्धू ने आईएएनएस को बताया, "उनकी हालत अभी भी नाजुक है। हम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। उन्हें वेंटिलेटर (जीवन रक्षक उपकरण) पर रखा गया है। वह 95 प्रतिशत जल चुके हैं।"
अस्पताल के एक अन्य चिकित्सक ने बताया, "उनके प्रारम्भिक बयानों से लगता है कि वह मुम्बई हमलों के पीड़ितों के साथ सरकार द्वारा अपनाए गए रुख से दुखी थे। वह काफी निराश थे।"
पुलिस के मुताबिक मोहनन (35) ने शाम छह बजे के करीब विजय चौक के समीप संसद भवन के द्वार संख्या चार के बाहर अपने ऊपर मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली।
पुलिस के अनुसार, "घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने आग बुझाने की कोशिश की और पुलिस को सूचित किया। इसके बाद पुलिस मोहनन को राम मनोहर लोहिया अस्पताल ले गई।"
मलयालम भाषा में लिखित अपने सुसाइड नोट में मोहनन ने लिखा है कि मुम्बई हमलों के पीड़ितों के साथ सरकार जिस तरह से बर्ताव कर रही है, उससे वह काफी दुखी हैं। मोहनन संदीप के पिता के छोटे भाई हैं।
अधिकारी ने कहा, "वह संदीप के शहीद होने से परेशान थे। आतंकवादियों द्वारा गोली मारे जाने के बाद संदीप ने जिस तरह की पीड़ा को सहन किया था, वह भी उसी पीड़ा का अनुभव करना चाहते थे।"
ज्ञात हो कि गत 26 नवम्बर 2008 को मुम्बई स्थित ताज होटल पर आतंकवादी हमलों के खिलाफ अभियान के दौरान राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) में तैनात संदीप उन्नीकृष्णन शहीद हो गए थे।
पुलिस को मोहनन के पास से एक रेलगाड़ी का टिकट और नोट बुक मिला है। अधिकारी ने बताया, "हमें लगता है कि मोहनन राजधानी में गत 30 जनवरी को पहुंचे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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