ऑस्ट्रेलिया में बाढ़ टैक्स
{image-01 hindi.oneindia.com}जूलिया गिलार्ड पर आरोप लगाए गए थे कि उन्होंने बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए पर्याप्त क़दम नहीं उठाएऑस्ट्रेलिया में आई भीषण बाढ़ से पीड़ितों की सहायता के लिए प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड ने एक नया टैक्स लगाने की घोषणा की है.उनका कहना है कि बाढ़ से हुए नुक़सान की भरपाई और पुनर्निर्माण में 5.6 अरब डॉलर की राशि लगेगी.
जूलिया गिलार्ड ने कहा है कि एक साल के लिए लगने वाला यह टैक्स इस साल जुलाई से वसूल किया जाएगा और उन लोगों पर लागू होगा जिनकी वार्षिक आय 50 हज़ार डॉलर या उससे अधिक है. लेकिन उन्होंने स्पष्ट किया है कि जो लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं उन्हें यह टैक्स नहीं देना होगा.उन्होंने कहा, "जो काम हम आज कर सकते हैं उसे कल पर नहीं छोड़ना चाहिए."
पिछले महीने आई इस बाढ़ में 30 से अधिक लोगों की जानें गई थीं.प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड ने कहा, "वित्त मंत्रालय का कहना है कि इस बाढ़ की वजह से सकल घरेलू उत्पाद में विकास की दर में आधे प्रतिशत की गिरावट आ सकती है."
जूसिया गिलार्ड ने बाढ़ से सर्वाधिक प्रभावित क्वींसलैंड को तत्काल दो अरब डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है.इस बाढ़ टैक्स के विवरण भी दिए गए हैं उसके अनुसार जो लोग 50 हज़ार से एक लाख डॉलर की आय वालों को 0.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैक्स देना होगा जबकि एक लाख डॉलर से अधिक कमाने वालों को एक प्रतिशत अतिरिक्त कर देना होगा.
अभी प्रधानमंत्री के सामने चुनौती ये है कि उन्हें इस टैक्स के प्रस्ताव पर संसद की मंज़ूरी चाहिए होगी.इस मंज़ूरी के लिए वे संसद के दोनों सदनों में छोटे दलों और निर्दलीय लोगों पर भरोसा कर रही हैं. उन्हें यह परेशानी इसलिए भी है क्योंकि मुख्य विपक्षी दल इस तरह के किसी टैक्स का विरोध में है.
बीबीसी संवाददाता निक ब्रायंट का कहना है कि जूलिया गिलार्ड की इस बात के लिए आलोचना की गई थी कि उन्होंने बाढ़ से निपटने के लिए प्रभावी क़दम नहीं उठाए.उनका कहना है कि बाढ़ टैक्स लगाकर पुनर्वास के प्रयासों से वे कोशिश कर रही हैं कि अपनी छवि फिर सुधार सकें.बाढ़ में क्वींसलैंड, पू्र्वी समुद्री तट के इलाक़े और विक्टोरिया बुरी तरह प्रभावित हुए थे.इसकी वजह से फसल चौपट हो गई थी और खनन उद्योग बुरी तरह प्रभावित हुआ था. इसकी वजह से ढाँचागत सुविधाएँ भी अस्तव्यस्त हो गईं थीं.












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