राजनाथ ने उमर अब्दुल्ला को देशद्रोही करार दिया

राजनाथ सिंह ने उमर अब्दुल्ला का बगैर नाम लिये, लाल चौक पर तिरंगा फहराने से रोकने वाले पर देशद्रोह का मुकदमा चलाने की मांग की है। मध्य प्रदेश के दौरे पर आए राजनाथ ने इंदौर में मीडिया से बातचीत में कहा कि तिरंगा हमारी आन, बान व शान का प्रतीक है। इसे फहराने से अगर कोई रोकता है तो उसके खिलाफ राष्ट्रद्रोह का मुकदमा दर्ज कर उसे सलाखों के पीछे भेजा जाना चाहिए।
राजनाथ के इस बयान के ठीक बात कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह उमर अब्दुल्ला के समर्थन में बोले कि भाजपा की तिरंगा यात्रा को कश्मीर में अशांति फैलाने की कोशिश है। दिग्विजय ने भोपाल में कहा, "कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए भाजपा यह कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। मैं पूछना चाहता हूं कि इनमें अगर इतनी राष्ट्रीय भावना है तो अपने घरों पर तिरंगा झंडा लगा लें, भाजपा के कार्यकर्ता अपने घरों पर दोरंगा झंडा तो लगाते हैं, मगर तिरंगा क्यों नहीं लगाते।"
इससे पहले गुरुवार की दोपहर श्रीनगर में हुए एक बैठक में जम्मू-कश्मीर सरकार ने साफ कहा कि 26 जनवरी को वह राज्य में अमन-चैन के माहौल को बिगाड़ने वाला कोई कार्यक्रम आयोजित करने की इजाजत नहीं देगी।
भाजपा की 'राष्ट्रीय एकता यात्रा' या 26 जनवरी को श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने के उसके कार्यक्रम का जिक्र किए बगैर एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, "राज्य सरकार ने प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि गणतंत्र दिवस समारोहों के दौरान राज्य में कानून एवं व्यवस्था की स्थिति नहीं बिगड़े, इसके लिए तमाम उपाय किए जाएंगे।"
बैठक में में महसूस किया गया कि भाजपा की एकता यात्रा से राज्य में लोगों का जज्बा भड़क सकता है। "इसलिए इसे रोकना बेहद जरूरी है।" एक अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार ने जम्मू से 90 किलोमीटर दक्षिण स्थित राज्य के प्रवेशद्वार लखनपुर में भाजपा की एकता यात्रा को रोकने का फैसला लिया है।












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