हिमाचल के लिए चमत्कारिक साबित हुआ एलोवेरा

वन अधिकारियों के मुताबिक, बंदरों को एलोवेरा पसंद नहीं होता इसलिए हम ऐसी जगहों पर इस पौधे की खेती को बढ़ावा दे रहे हैं, जहां पर बंदरों का आतंक है। राज्य में अभी 15 हेक्टेयर निजी खेतों में एलोवेरा, आमला, और बहेरा की खेती हो रही है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि 20 क्विंटल एलोवोरा यहां बिकने के लिए तैयार हो चुका है।
स्वामी रामदेव के पतंजलि योगपीठ ने राज्य सरकार के साथ एलोवेरा सहित अन्य आयुर्वेदिक जड़ी बूटी सीधे किसानों से खरीदने का एक समझौता किया है। स्वास्थ्यवर्धक गुणों से भरपूर एलोवेरा एक चमत्कारिक पौधा है। इसे कई रोगों में रामबाण माना जाता है। अब यह नन्हा पौधा हिमाचल प्रदेश के लिए भी चमत्कारी साबित हो रहा है।












Click it and Unblock the Notifications