अक्षरधाम मंदिर ने पर्यावरण मंजूरी नहीं हासिल की
पर्यावरणविदों की आपत्ति के साथ सहमति जताते हुए मंत्री ने अवैध ढांचे पर चिंता जताई।
रमेश ने संवाददाताओं से कहा कि अक्षरधाम मंदिर ने पर्यावरण मंजूरी हासिल नहीं की है और इसने इसके लिए कभी आवेदन भी नहीं किया।
उन्होंने मंदिर के बगल में राष्ट्रमंडल खेल गांव को मिली पर्यावरण मंजूरी पर भी सवाल उठाया।
उन्होंने कहा कि नदी तल पर निर्माण एक चिंताजनक बात है। राष्ट्रमंडल खेल गांव को कभी मंजूरी नहीं मिलनी चाहिए थी, लेकिन सर्वोच्च न्यायालय ने इसे अनुमति दे दी।
अक्षरधाम मंदिर का निर्माण पांच सालों तक चलता रहा। निर्माण कार्य 2005 में पूरा हुआ था। पर्यावरणविदों के लगातार विरोध के बावजूद मंदिर और राष्ट्रमंडल खेल गांव का निर्माण हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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