आंध्र में मुकदमे वापस, सांसदों की भूख हड़ताल समाप्त

हैदराबाद/नई दिल्ली। पृथक तेलंगाना राज्य के मुद्दे पर सेवानिवृत्त न्यायाधीश बी.एन. श्रीकृष्णा ने मंगलवार को यहां कहा कि समिति तय समय 31 दिसम्बर तक रिपोर्ट सौंप देगी। उधर, आंध्र प्रदेश सरकार ने पृथक तेलंगाना राज्य के लिए हुए प्रदर्शनों के दौरान दर्ज सभी आपराधिक मामलों को वापस ले लिया। सरकार के इस फैसले के बाद कांग्रेस के नौ सांसदों ने अपनी भूख हड़ताल समाप्त कर दी।

जांच समिति के नेतृत्वकर्ता एवं सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश श्रीकृष्णा ने नई दिल्ली में कहा, "समिति अपनी रिपोर्ट 31 दिसम्बर से पहले सरकार को सौंप देगी। हमें यकीन है कि इसे 31 दिसम्बर से पहले दे दिया जाएगा।"रिपोर्ट के बारे में कुछ बताने से इंकार करते हुए उन्होंने कहा, "यह एक विस्तृत रिपोर्ट है।"

उल्लेखनीय है कि हाल के समय में यह पहला मौका है जब सरकार द्वारा नियुक्त जांच समिति तय समय सीमा में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।केंद्र सरकार ने राज्य में अलग तेलंगाना राज्य की मांग और प्रदर्शनों के बाद की स्थितियों की जांच करने के लिए फरवरी में श्रीकृष्णा समिति का गठन किया था।

ज्ञात हो कि समिति ने इस दौरान राजनातिक दलों, बौद्धिक लोगों, राजनीतिज्ञों और सेवानिवृत्त नौकरशाहों सहित 100 से अधिक समूहों से मुलाकात की। समिति ने राज्य के सभी 23 जिलों का दौरा किया।पृथक तेलंगाना की मांग करने वालों का कहना है कि यह क्षेत्र अत्यंत पिछड़ा है। इसलिए वे हैदराबाद सहित राज्य के दस जिलों को लेकर तेलंगाना राज्य का गठन करना चाहते हैं। जबकि विरोधी आंध्र प्रदेश के विभाजन के पक्ष में नहीं हैं।

मंगलवार सुबह आंध्र प्रदेश सरकार ने पृथक तेलंगाना राज्य की मांग को लेकर प्रदर्शनों के दौरान दर्ज सभी आपराधिक मामलों को वापस लेने का फैसला किया।प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. किरण कुमार रेड्डी और तेलंगाना क्षेत्र के मंत्रियों व अन्य कांग्रेसी नेताओं के बीच हुई कई दौर की बातचीत के बाद सरकार प्रदर्शनकारियों पर दर्ज सभी 967 मामले वापस लेने के लिए राजी हो गई। इन सभी मामलों को नवंबर 2009 और सितंबर 2010 के बीच अलग तेलंगाना राज्य की मांग और उसके विरोध को लेकर हुए प्रदर्शनों के दौरान दर्ज किया गया।

बढ़ते तनाव के बीच सरकार ने सोमवार को 834 छात्रों के खिलाफ 135 मुकदमों को वापस लिया, लेकिन भूख हड़ताल पर बैठे कांग्रेस सांसद इस पर राजी नहीं हुए। उनका कहना था कि जब तक सरकार छात्रों के खिलाफ सभी आपराधिक मामले वापस नहीं लेती तब तक वे अपनी भूख हड़ताल समाप्त नहीं करेंगे।हैदराबाद में राज्यसभा के सदस्य के. केशव राव ने भूख हड़ताल पर बैठे सांसदों का नेतृत्व किया।श्रीकृष्णा रिपोर्ट आने के बाद हिंसा की आशंका के मद्देनजर आंध्र प्रदेश सरकार ने केंद्रीय बलों की कम से कम 125 कम्पनियों की मांग की है। केंद्र सरकार ने पहले ही 50 कम्पनियों को तेलंगाना क्षेत्र में तैनात करने के लिए हैदराबाद भेज दिया है।

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