पुणे बंद: दादोजी कोणदेव के लिए शिवसेना का आंदोलन

Shivsena
पुणे| पुणे मुंबई की अपेक्षाकृत काफी शांत शहर माना जाता है। यहां लोग विवादों से ज्यादा अपने काम पर ध्यान पसंद करते हैं। लेकिन सोमवार की सुबह पुणे के लाल महल से क्षत्रपति शिवाजी के गुरु माने जाने वाले 'दादोजी कोणदेव' की मूर्ति हटाने के बाद से यहां के लोग उत्तेजित हो उठे हैं।

मूर्ति को महल से हटा कर पुणे नगर निगम ने एक सार्वजनिक पार्क में स्थापित कर दिया है। कुछ मराठी समुदाय के लोग मानते हैं कि इतिहास के जानकार शिवाजी के गुरू 'दादोजी कोणदेव' के बारे में भ्रमित हैं और लोगों के बीच भी भ्रम फैला रहे हैं। शिवसेना ने मूर्ति हटाए जाने के विरोध को समर्थन दिया है और मंगलवार को पुणे में बंद का आह्वान किया है।

सोमवार को विरोध कर कर रहे लोगों ने शहर के मेयर के ऑफिस पर भी हमला किया। उन्होने मेयर के ऑफिस में घुस कर फर्नीचर आदि भी तोड़-फोड़ डाला। शिवसेना और एनएनएस समर्थकों के इस विरोध में हिंसक गतिविधियों भी खूब दिखाई दे रही हैं। विरोधियों ने मंगलवार को 6 बसों पर पथराव कर उन्हे क्षतिग्रस्त कर दिया। इसके अलावा लोनावला में थोड़ी देर के लिए एक ट्रेन को भी जबर्दस्ती रोके रखा गया।

लाल महल विवाद

पुणे स्थित लाल महल को शिवाजी और उनकी मां जीजीबाई का महल बताया जाता है। यहां पर शिवाजी का बचपन बीता था। म्युंसिपल कॉर्पोरेशन शिवाजी और उनकी मां की मूर्ति के साथ, उनके पिता की मूर्ति भी लगाना चाहती है, इसलिए उन्होने उनके गुरू माने जाने वाले 'दादोजी कोणदेव' की मूर्ति वहां से हटाई।

इस बाबत राज ठाकरे का कहना है कि अगर उन सबकी मूर्ति के साथ शिवाजी के गुरू की मूर्ति भी वहां लगी रहती तो इसमें कोई नुकसान नहीं था। राज का आरोप है कि दरअसल कांग्रेस सरकार इस तरह से इतिहास के साथ खेल कर अपनी जातिगत राजनीति का सिक्का जमाना चाहती है। राज का कहना है कि उनकी पार्टी इस मामले पर विशाल आंदोलन करेगी।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+