पीएसी के समक्ष पेश होने का प्रधानमंत्री का प्रस्ताव बेमानी है: सुषमा
नई दिल्ली। 2जी स्पेक्ट्रम आवंटन घोटाले की जांच संयुक्त संसदीय (जेपीसी) समिति से कराने की मांग जारी रखते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को कहा है कि संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) के समक्ष पेश होने का प्रधानमंत्री का प्रस्ताव निर्थक है। भाजपा की वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि पीएसी को तो मंत्रियों को भी बुलाने का अधिकार नहीं है।
सोशल नेटवर्किं ग वेबसाइट ट्विटर पर टिप्पणी में स्वराज ने कहा, "लोकसभा के नियमों के मुताबिक पीएसी प्रधानमंत्री को तो क्या, मंत्रियों को भी पूछताछ के लिए नहीं बुला सकती। इसलिए प्रधानमंत्री द्वारा दिया गया प्रस्ताव निर्थक है।"स्वराज का यह बयान प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह द्वारा पीएसी अध्यक्ष और भाजपा नेता मुरली मनोहर जोशी को लिखे गए उस पत्र के एक दिन बाद आया है जिसमें प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह पीएसी के समक्ष पेश होने के लिए तैयार हैं।
जोशी ने सोमवार को कहा था कि 2जी मामले की जांच के लिए लोक लेखा समिति पूरी तरह स्वतंत्र है। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री के प्रस्ताव पर पीएसी 'उचित समय पर उचित कदम' उठाएगी। स्वराज ने अपनी टिप्पणी में कहा, "पीएसी का दायरा जेपीसी से पूरी तरह अलग है। पीएसी केवल लेखांकन संबंधी जांच कर सकती है वहीं जेपीसी का काम प्रशासन और उत्तरदायित्व का निर्धारण करना है।"












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