विकिलीक्स के समर्थकों ने किए साईबर हमले

इंटरनेट पर ख़ुफ़िया कूटनीतिक दस्तावेज़ सार्वजनिक करने वाली वेबसाइट विकीलीक्स के समर्थकों ने उन वित्तीय संस्थानों पर साईबर हमले किए हैं जो उनके मुताबिक अमरीकी सरकार के साथ मिलकर विकीलीक्स के प्रयासों को बाधित कर रहे हैं.
कंप्यूटर हैकरों का कहना है कि उन्होंने क्रिडिट कार्ट ग्रुप मास्टरकार्ड पर इसलिए हमले किए हैं क्योंकि उसने विकीलीक्स को दी जा रही सेवाओं को निलंबित कर दिया था.
विकीलक्स के समर्थक इन साईबर हैकरों ने अपनी जवाबी कार्रवाई को ऑपरेशन पेयबैक नाम दिया है और मास्टरकार्ड के अलावा वीज़ा कार्ड, स्विट्ज़रलैंड के एक बैंक, पोस्टफ़ाइनेंसऔर इंटरनेट पेयमेंट कंपनी पेयपाल को निशाना बनाया है.
उधर पेयपाल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि उसने विकीलीक्स के साथ व्यवसाय को इसलिए रोक दिया क्योंकि 'अमरीकी विदेश मंत्रालय ने उसे एक पत्र लिखकर कहा था कि विकीलीक्स वेबसाइट जो गतिविधियाँ कर रही है वे ग़ैरक़ानूनी हैं.'
बीबीसी को पता चला है कि ख़ुद को 'एनॉनेमस' कहना वाले वेबसाइट हैक करने वालों के एक ग्रुप ने मास्टरकार्ड की साइट पर साईबर हमले कर उससे होने वाले भुगतान को रोक दिया है.
मास्टरकार्ड ने विकीलीक्स को होने वाले भुगतान की प्रक्रिया को रोक दिया था. उधर मास्टरकार्ड ने कहा है कि लोगों के 'मास्टरकार्ड के इस्तेमाल पर इससे कोई असर नहीं पड़ा है.' लेकिन भुगतान करने वाली एक कंपनी ने बीबीसी को बताया है कि उसके ग्राहकों के लिए ये सेवा पूरी तरह से बंद हो गई है.
कंपनी का कहना है कि मास्टरकार्ड सिक्योरकोड नाम से पुष्टि करने वाली सेवा में बाधा आई है. अन्य ग्राहकों ने शिकायत की है कि उन्हें ऑनलाइल पैसे के भुगतान में मुश्किलें सहनी पड़ी हैं.
इससे पहले मास्टरकार्ड के डोयल मैत्रा ने कहा था, "मास्टर के एक्सटर्नल कॉर्पोरेट पोर्टल पर बहुत भारी ट्रैफ़िक आ रहा है लेकिन साइट काम कर रही है. हम सामान्य स्पीड कायम करने के प्रयास कर रहे हैं." एनॉनेमस ग्रुप का कहना है कि उसने कई साइट्स को निशाना बनाया है.
दूसरी ओर पेयपाल के ओसामा बीडियर ने फ़्रांस में एक सम्मेलन के दौरान कहा, "अमरीका के विदेश मंत्रालय ने 27 नवंबर को एक पत्र लिखा कि उसकी (विकीलीक्स) की अमरीका में गतिविधियाँ ग़ैरक़ानूनी मानी जा सकती हैं. इसलिए हमारे नीति निर्धारण ग्रुप को उनके (विकीलीक्स) अकाउंट को निलंबित करना पड़ा....ईमानदारी की बात यह है कि हमारी ओर से ये बहुत सीधा स्पष्ट फ़ैसला था और इसमें और कोई बात नहीं है."
इंटरनेट सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि इन साइट्स को तथाकथित डिट्रिब्यूटिड डिनायल ऑफ़ सर्विस अटैक (डीडीओएस) के ज़रिए निशाना बनाया जाता है. इससे साइट पर इतनी पेज रिक्वेस्ट आती हैं कि साइट इसमें डूब जाती है और ऑफ़लाइन हो जाती है.
सुरक्षा कंपनी नेटक्रेफ़्ट के पॉल मटन ने कहा कि इस काम में 1600 कंप्यूटर लगे हुए थे. अब भी मास्टरकार्ड की साइट कभी खुल जाती तो कभी ऐसा संभव नहीं होता.












Click it and Unblock the Notifications