कर्नाटक: कांग्रेस ने येदियुरप्पा के इस्तीफे की मांग की

भाजपा के वरिष्ठ नेताओं की नई दिल्ली में हुई बैठक में इस बात की अटकलें लगाई जा रही थीं कि येदियुरप्पा अपने रिश्तेदारों को आवंटित जमीन वापस लौटा सकते हैं। बेंगलुरू में मंत्रिमंडल की हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि पार्टी गत 10 वर्षो में शहर और उसके आस पास इलाकों में हुए भूमि आवंटन की जांच कराएगी। भूमि आवंटन की जांच सर्वोच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश करेंगे।
मंत्रिमंडल की बैठक के बाद शिक्षा मंत्री विश्वनाथ हेगड़े ने पत्रकारों को बताया, "न्यायाधीश का नाम और संदर्भ की शर्तो के बारे में बाद में घोषणा की जाएगी।" येदियुरप्पा ने स्वीकार किया है कि उनके बेटों, बेटी, दामाद, बहन और उनके बेटे व बहू को आवासीय और औद्योगिक प्लॉट्स आवंटित किए गए हैं। उन्होंने यह कहते हुए अपना बचाव किया कि उनके पूर्ववर्ती सरकारों ने भी ऐसा किया है।
येदियुरप्पा द्वारा स्वीकार किए जाने के तुरंत बाद कांग्रेस ने भाजपा पर वार करते हुए कहा कि येदि को मुख्यमंत्री पद से हटाया जाए। कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि भाजपा हमारे ऊपर आरोप गढ़ रही है, तो येदियुरप्पा से इस्तीफा क्यों नहीं मांगती। रही बात कांग्रेस की तो सभी दागी नेताओं ने अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है।
नैतिकता की बात करें तो भाजपा को केंद्र में मनमोहन सिंह, ए राजा, सुरेश कलमाड़ी, अशोक चव्हाण पर उंगलियां उठाने से पहले येदियुरप्पा का इस्तीफा लेना ही होगा। हालांकि यह बात भाजपा के आलाकमान समझ भी रहे हैं। लिहाजा जल्द ही येदियुरप्पा की कुर्सी छिन सकती है। उधर जनता दल (सेक्युलर) ने भी येदियुरप्पा के इस्तीफे की मांग की है।












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