दक्षिण अफ़्रीक़ा में भारतीयों के 150 साल

150 साल पहले डरबन के तट पर पहली बार भारतीयों ने अपने क़दम रखे थे.
दक्षिण अफ़्रीक़ा के राष्ट्रपति जैकब ज़ूमा ने महात्मा गांधी को याद करते हुए उनकी अहिंसक विचारधारा की जमकर तारीफ़ की.
दक्षिण अफ़्रीक़ा में भारतीयों के आगमन के 150 साल पूरे होने पर आयोजित कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति ज़ूमा ने कहा कि भारतीय मूल के लोगों ने दक्षिण अफ़्रीक़ा के इतिहास में अहम भूमिका अदा की है.
आज से 150 साल पहले एक जहाज़ से भारतीय मूल के लोगों ने दक्षिण अफ़्रीक़ा के शहर डरबन में पहली बार क़दम रखा था.
इस मौक़े पर ज़ूमा ने कहा कि ग़ुलामी से लेकर दक्षिण अफ़्रीक़ा की बराबर नागरिकता तक का भारतीयों का लंबा सफ़र, दक्षिण अफ़्रीक़ा में स्वतंत्रता और प्रजातंत्र के आंदोलन के साथ जुड़ा हुआ है.
ज़ूमा ने कहा कि हम नहीं भूल सकते कि 20वीं सदी के एक प्रतिरूप महात्मा गांधी इसी देश में रहे थे. महात्मा गांधी का सत्याग्रह और मानव जाति के लिए बराबरी के लिए उनकी लड़ाई की विचारधारा दक्षिण अफ़्रीक़ा में परवान चढ़ी.
ज़ूमा ने महात्मा गांधी की तारीफ़ करते हुए कहा कि दक्षिण अफ़्रीक़ा के लोग इस बात पर गर्व महसूस करते हैं कि उनके देश यानि दक्षिण अफ़्रीक़ा ने गांधी की सत्य और अहिंसा की विचारधारा को फलने फूलने मे मुख्य भूमिका निभाई थी.
गांधी ने अपने जीवन के 21 साल दक्षिण अफ़्रीक़ा में गुज़ारे थे.
सबसे ज्यादा भारतीय डरबन में रहते हैं और भारतीय संस्कृति का असर यहां साफ़ देखा जा सकता है.
ज़ूमा ने कहा कि गांधी के विचारों ने न केवल दक्षिण अफ़्रीक़ा में बराबरी की लड़ाई में अहम भूमिका अदा की बल्कि उस विचारधारा ने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है और वो आज भी उतने ही प्रसांगिक हैं जितना उस समय थे जब उन्हें पहली बार पेश किया गया था.
भारतीय मूल के लोग दक्षिण अफ़्रीक़ा की कुल जनसंख्या के तीन प्रतिशत से भी कम हैं लेकिन रंगभेद के ख़िलाफ़ उन्होंने प्रमुख भूमिका निभाई है और उन्होंने दक्षिण अफ़्रीक़ा की संस्कृति पर बहुत मज़बूत छाप छोड़ी है.
दक्षिण अफ़्रीक़ा के पूर्वी शहर डरबन में भारतीय मूल के लगभग आठ लाख लोग रहते हैं, वहाँ कई मंदिर हैं और एक बहुत बड़ी मस्जिद भी है.
ज़ूमा ने कहा कि भारतीयों ने अपनी अलग पहचान बनाए रखते हुए भी राष्ट्रीय मूलधारा में अहम भूमिका निभाई है.












Click it and Unblock the Notifications