मुंबई में युवा भारतीयों से ओबामा की मुलाक़ात

अमरीकी राष्ट्रपति बराक ओबामा अपनी भारत यात्रा के दूसरे दिन रविवार को मुंबई से दिल्ली पहुँचेंगे. उनका स्वागत प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह करेंगे. दिल्ली रवाना होने से पहले ओबामा रविवार को भी मुंबई के कुछ कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे.
रविवार को मुंबई में ओबामा होलीनेम स्कूल जाएँगे. इसके अलावा वो सेंट ज़ेवियर्स कॉलेज में एक प्रदर्शनी देखने जाएँगे और फिर बाद में इसी कॉलेज के छात्रों से रुबरू होंगे. वे रविवार को दोपहर में दिल्ली पहुँचेंगे.
दिल्ली पहुँचने के बाद ओबामा हुमायूं का मकबरा देखने जाएंगे और रविवार को ही प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने उनके सम्मान में रात्रि भोज का आयोजन रखा है. मंगलवार को भारत से विदा होने से पहले वे राजघाट में महात्मा गांधी की समाधि पर जाएँगे और संसद के संयुक्त सत्र को संबोधित करेंगे.
सुरक्षा इंतज़ाम
दिल्ली में उनकी सुरक्षा के व्यापक इंतज़ाम किए गए हैं. अधिकारियों का कहना है कि बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी उनकी सुरक्षा पर नज़र रखेंगे. ओबामा की सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किए गए हैं
बराक ओबामा अपनी पत्नी मिशेल ओबामा के साथ दिल्ली के मौर्या शेरटन होटल में ठहरेंगे. सुरक्षा एजेंसियों ने अमरीकी सुरक्षा दस्ते के साथ इस होटल को सुरक्षा घेरे में ले लिया है. होटल के आसपास ही क़रीब दो हज़ार सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं. ये सुरक्षाकर्मी दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बलों और एनएसजी के कमांडो हैं.
राष्ट्रपति ओबामा के अलावा मिशेल ओबामा के लिए भी व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं क्योंकि वे राष्ट्रपति से अलग कुछ कार्यक्रमों में शिरकत करेंगी.
अरबों के सौदे
इसके पहले शनिवार को उन्होंने मुंबई में कुछ कार्यक्रमों में हिस्सा लिया जिसमें भारतीय व्यापार और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाक़ात प्रमुख था. उन्होंने अमरीकी और भारतीय कंपनियों के बीच 10 अरब डॉलर के समझौतों की घोषणा की है. मिशेल ओबामा भी कई कार्यक्रमों में हिस्सा ले रही हैं
ओबामा ने प्रतिबंधित तकनीकों के निर्यात पर से भी पाबंदी हटाने की बात अपने भाषण के दौरान कही. इसके तहत इसरो और डीआरडीओ को परमाणु इंधन के दोहरे उपयोग की तकनीक हासिल करने की सुविधा मिल सकेगी. पहले इस पर प्रतिबंध लगा हुआ था. कहा गया है कि इन समझौतों से अमरीका में 50 हज़ार से अधिक रोज़गार अवसर पैदा होंगे.
अपने भाषण के दौरान ओबामा ने कहा कि मुंबई से यात्रा शुरू करने के उनके फ़ैसले को लेकर कहा जा रहा था कि वे इसके ज़रिये दुनिया को एक संदेश देना चाहते हैं, फिर थोड़ा रूककर उन्होंने कहा, "ये बिल्कुल सही है." उनसे अपेक्षा की जा रही थी कि वो पाकिस्तान के ख़िलाफ़ कड़ा बयान देंगे लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के ख़िलाफ़ एक शब्द भी नहीं कहा जिससे कुछ लोगों को निराशा हुई है.












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