ओबामा यात्रा भारत की वैश्विक भूमिका की पहचान बढ़ाएगी : विशेषज्ञ
वाशिंगटन, 4 नवंबर (आईएएनएस)। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के भारत दौरे से अमेरिका-भारत साझेदारी को नया आयाम देने और विश्व में भारत की भूमिका को पहचान दिलाने का अवसर मिलेगा।
वाशिंगटन की संस्था हेरिटेज फाउंडेशन के दक्षिण एशिया मामलों की वरिष्ठ शोधकर्ता लीसा कर्टिस का कहना है कि इस दौरे से एशिया के बदलते रणनीतिक परिवेश में स्थिरता और समृद्धि के लिए भारत-अमेरिका साझेदारी को मजबूती मिलेगी।
ओबामा प्रशासन की नीतियां दक्षिण एशिया में अफगानिस्तान और पाकिस्तान पर केंद्रित होने के बारे में उन्होंने कहा, "भारत इस क्षेत्र में एक स्थिर और समृद्ध देश है, यह अमेरिका के लिए कोई समस्या पैदा नहीं करता इसलिए अमेरिका का ध्यान अन्य देशों की समस्याओं से निबटने पर रहता है।"
कर्टिस ने कहा, "ओबामा प्रशासन ने पाकिस्तान को खुश करने के लिए कश्मीर के लिए विशेष दूत नियुक्त करने की छवि से मुक्त होने के लिए अपने शुरुआती कार्यकाल में भारतीयों के बीच बेहतर छवि बनाने की कोशिश की थी।"
ओबामा इस समय भारतीयों में कश्मीर मुद्दे की संवेदनशीलता को पूरी तरह से समझ रहे हैं और इस दशकों पुराने विवाद में अमेरिका की सीमित भूमिका पर ज्यादा यथार्थवादी नजर आ रहे हैं।
अमेरिका में मध्यावधि चुनाव में डेमोक्रेटिक पार्टी को भारी नुकसान के कारण हालांकि ओबामा भारत को अमेरिका के निर्यातों के लिए बड़ा बाजार मानने और अमेरिका-भारत व्यापार समझौते स्थापित करने तक ही सीमित रह सकते हैं।
उन्होंने कहा कि वास्तव में यह महत्वपूर्ण मुद्दे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति पूर्व एशिया में चीन की वृद्धि को संतुलित करने के लिए अमेरिका-भारत रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करके लोकतांत्रिक शक्तियों को बढ़ावा दे सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications