झारखण्ड में विवाह से पहले होगी खून की जांच
मुंडा ने यहां संवाददाताओं से कहा, "हम जल्दी ही राज्य में विवाह से पहले होने वाली खून की जांच शुरू करेंगे ताकि जोड़ियां विवाह के बाद स्वस्थ बच्चों को जन्म दें।"
उन्होंने बताया कि इस जांच के लिए सभी जिलों में आधुनिक प्रयोगशालाएं शुरू की जाएंगी।
सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े बताते हैं कि झारखण्ड में 70 प्रतिशत से ज्यादा महिलाएं एनीमिया (खून की कमी) से पीड़ित हैं।
विवाह से पहले होने वाली यह जांच जोड़ियों के सुखी वैवाहिक जीवन व स्वस्थ बच्चों को जन्म देने में मददगार होगी।
सूत्र बताते हैं कि विवाह से पहले होने वाली खून की जांच से पता चलेगा कि दोनों साथियों में से किसी को एचआईवी या एड्स की बीमारी तो नहीं है। खून की यह जांच कराना अनिवार्य नहीं होगा लेकिन सरकार इसका प्रचार-प्रसार करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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