कश्मीर कभी भारत का था ही नहीं : अरूधंती राय
श्रीनगर । बुकर विजेता अरूधंती राय ऐसा नाम हैं जिनका हमेशा विवादों से नाता रहा है, अपने बेबाक बयानों से हमेशा विवादों को जन्म देने वाली अरूधंती राय ने एक बार फिर से अपनी बेबाकी के चलते विवादों में घिर गई हैं। एक सेमिनार के दौरान मशहूर लेखिका ये तक कह डाला कि कि भारत का सिरमौर कश्मीर कभी भारत का अंग था ही नहीं। ये एक ऐतिहासिक तथ्य है। इसे खुद भारत ने स्वीकारा है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश शासन से आजादी मिलने के बाद खुद औपनिवेशिक शक्ति बन गया है।
वह कोएलिशन ऑफ सिविल सोसाइटी द्वारा व्हाईदर कश्मीर? फ्रीडम ऑर इनस्लेवमेंट विषय पर आयोजित सेमिनार में बोल रही थीं। इसमें कश्मीर के कई पत्रकारों के अलावा दिल्ली से आए गौतम नवलखिया व नजीब मुबारकी भी थे। सभी ने भारत को कश्मीर की मौजुदा हालात के लिए जिन्मेदार ठहराया। अरुंधति राय ने कहा कि भारत सरकार भी मानती है कि ऐतिहासिक तौर पर जम्मू-कश्मीर उसका हिस्सा नहीं रहा है। वर्ष 1947 में जब भारतीय उपमहाद्वीप में अंग्रेजी उपनिवेशवाद समाप्त हुआ तो भारतीय साम्राज्यवाद ने उसका स्थान ले लिया।
अरुंधति ने कहा कि खुद को दुनिया में एक बड़ा लोकतंत्र साबित करने वाले भारत ने हमेशा ही विशिष्ट संस्कृति और सभ्यता वाले राज्यों को दबाया है। नागालैंड, मणिपुर और पंजाब इसके उदाहरण हैं। अब कश्मीरियों को खुद सोचना और तय करना पड़ेगा कि उन्हें कहां, कैसे और किस के साथ रहना है?













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