देवी दुर्गा के बदले हथियारों की पूजा!
रांची। झारखण्ड सशस्त्र पुलिस बल (जेएपी) के मैदान में यहां नवरात्रि के दौरान देवी दुर्गा की मूर्ति की पूजा नहीं होती, बल्कि एके-47 और इनसास जैसे हथियारों की पूजा होती है।
यहां यह मान्यता है कि इस मैदान में मूर्ति पूजा करने से देवी दुर्गा क्रुद्ध हो जाती हैं। नवरात्रि के प्रथम दिन कलश स्थापित किया जाता है और वहां हथियारों को रख कर उनकी पूजा की जाती है। नवरात्रि के नौवें दिन झारखण्ड सशस्त्र पुलिस के सुरक्षा कर्मी देवी दुर्गा को बकरे की बलि चढ़ाते हैं।
सुरक्षा कर्मी अपनी सुरक्षा और शत्रुओं से लड़ने की शक्ति हासिल करने के लिए देवी की आराधना करते हैं। जेएपी के एक जवान, करण थापा ने कहा, "हम हथियारों की पूजा करते हैं, ताकि देवी हमें शत्रुओं से लड़ने की शक्ति दें और हमेशा हमारी सुरक्षा सुनिश्चित कराएं।"
इस मैदान में पिछले 70 वर्षो से हथियारों की पूजा करने की परम्परा है। जब बिहार अविभाजित था तो इस बल को बिहार मिलिट्री पुलिस कहा जाता था। इस बल के अधिकांश जवान नेपाली समुदाय से हैं।













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