बिहार में राजग की नैया डूबो रहे हैं शाहनवाज : तस्लीमुद्दीन
पटना, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। कुछ माह पूर्व ही जनता दल (युनाइटेड) में शामिल हुए पूर्व केंद्रीय मंत्री मोहम्मद तस्लीमुद्दीन ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता शाहनवाज हुसैन पर राज्य के सीमांचल क्षेत्र में सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की नैया डूबोने का आरोप लगाया है।
पूर्णिया, किशनगंज और अररिया जिले को मिलाकर बने सीमांचल क्षेत्र में यूं तो तसलीमुद्दीन और शाहनवाज की दुश्मनी पुरानी है लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव से पहले दोनों की लड़ाई एक बार फिर सतह पर आ गई है। वह भी तब, जब दोनों ही सत्ता में भागीदार दलों से सरोकार रखते हैं।
ज्ञात हो कि शाहनवाज पहली बार किशनगंज से चुनाव जीतकर लोकसभा पहुंचे थे। यहां से चुनाव हारने के बाद भागलपुर को उन्होंने संसदीय क्षेत्र बनाया।
सीमांचल क्षेत्र में तस्लीमुद्दीन का भी दबदबा रहा है। उनका आरोप है कि शाहनवाज इस क्षेत्र में राजग की जीत आसान बनाने में रोड़ा बन रहे हैं।
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) का दामन छोड़ जद (यु) में शामिल होने वाले तस्लीमुद्दीन ने रविवार को आईएएनएस से बातचीत में कहा, "शाहनवाज मेरे और मेरे समर्थकों के खिलाफ काम कर रहे हैं, जैसा कि वह पहले भी करते रहे हैं। वह यह भूल रहे हैं कि मैं नीतीश कुमार का हाथ मजबूत करने के लिए काम कर रहा हूं।"
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा और जद (यु) के बीच हुए सीटों के खराब तालमेल के लिए शाहनवाज जिम्मेदार हैं। उनके मुताबिक इससे राजग को चुनाव में फायदा नहीं मिलेगा।
उन्होंने कहा, "शाहनवाज ने जिन उम्मीदवारों को टिकट दिलाए हैं वे हारने के लिए बाध्य हैं। वह सीमांचल क्षेत्र में राजग की नैया डूबो रहे हैं लेकिन मैं उन्हें गलत साबित करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा हूं।"
तस्लीमुद्दीन के करीबी एक जद (यु) नेता ने बताया कि भाजपा नेताओं के दबाव में उन्हें अररिया से टिकट नहीं दिया गया। इससे तस्लीमुद्दीन नाराज हैं। वह चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे।
तस्लीमुद्दीन ने हालांकि कहा कि जद (यु) ने उनके तीन समर्थकों को टिकट दिया है। इनमें उनका बेटा सरफराज आलम भी शामिल है।
उन्होंने निर्दलीय उम्मीदवार की हैसियत से अररिया से चुनाव लड़ने की संभावनाओं को खारिज किया।
भाजपा सूत्रों के मुताबिक किशनगंज और अररिया जिले में भाजपा ने शाहनवाज समर्थकों को टिकट दिया है।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक बिहार में विधानसभा चुनाव आरंभ होने में महज दो सप्ताह ही बचे हैं और ऐसे में इन दोनों नेताओं की टकराहट सतह पर आ जाने से राजग को चुनाव में इसका खामियाजा भी भुगतना पड़ सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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