कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान 'रवींद्र संगीत' की धूम
कोलकाता, 3 अक्टूबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल में इस साल दुर्गा पूजा में एक बार फिर रवींद्र संगीत का जादू लोगों के सिर इस कदर चढ़ कर बोल रहा है कि उसने संगीत के अन्य विधाओं को पीछे छोड़ दिया है।
दुर्गा पूजा के मौके पर नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर की प्रसिद्ध रवींद्र संगीत पर आधारित विशेष एलबम जारी किए गए हैं।
इन एलबमों को अलग-अलग शैली में पश्चिम बंगाल में दुर्गा पूजा के मद्देनजर जारी किया गया है, जिसे लोग काफी पसंद कर रहे हैं।
'म्यूजिक 2000' के मालिक स्वरूप पाल ने कहा, "इस वर्ष हमने केवल रवींद्र संगीत पर आधारित 15 से 20 एलबम जारी किया है।" दुर्गा पूजा के दौरान कई सारी संगीत कम्पनियां विशेष एलबम जारी करती हैं क्योंकि यह यहां का सबसे बड़ा त्योहार होता है।
उल्लेखनीय है कि रवींद्रनाथ टैगोर का जन्म वर्ष 1861 में उत्तरी कोलकाता के जोरासांको में हुआ था। उन्होंने करीब 2,230 गाने लिखे और उनमें से कई गानें उनके निधन के 69 साल बाद भी उतने ही लोकप्रिय हैं। वर्ष 1941 में टैगोर का निधन हो गया था। टैगोर को वर्ष 1913 में 'गीतांजली' के लिए नोबेल पुरस्कार से सम्मानित किया गया था।
दुर्गा पूजा के मौके पर रवींद्र संगीत की सीडी और कैसेट्स की काफी मांग रहती है। इस बार इसने बाजार के 85 फीसदी हिस्से पर अपना कब्जा जमाया है।
प्राइम म्यूजिक के प्रवक्ता देबराज दत्ता ने आईएएनएस को बताया, "टैगोर की 150वीं जयंती के मौके पर बाजार में हालांकि विभिन्न तरह के संगीत और गाने आ रहे हैं लेकिन टैगोर के गीतों की मांग काफी बढ़ गई है।"
यूडी सीरिज के मार्केटिंग मैनेजर आशीष दास ने कहा, "व्यक्तिगत तौर पर मैं यह महसूस करता हूं कि बंगाल के संगीत प्रेमी बदलाव चाहते हैं और यह बदलाव रवींद्र संगीत के अलावा कुछ और नहीं हो सकता। व्यापार की दृष्टि से देखा जाय तो इसी वजह से उनके गानों की मांग बढ़ रही है। "
भारत के अलावा विदेशों में भी रवींद्र संगीत की काफी मांग है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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