निठारी हात्याकांड: कोली को तीसरी बार मौत की सजा

निठारी हत्याकांड से जुड़े मामलों में कोली को तीसरी बार मौत की सजा हुई है। सीबीआई की विशेष अदालत के जज ए.के. सिंह ने ये फैसला सुनाया। अदालत इससे पहले रिम्पा हलधर और आरती हत्या मामले में कोली को सजा-ए-मौत सुना चुकी है। कोली नोएडा में मोनिंदर सिंह पंढेर के यहां नौकर था।
सीबीआई के विशेष वकील जे.पी. शर्मा ने बताया कि रचना की हत्या मामले में अदालत ने कोली को हत्या, अपहरण, दुष्कर्म और सबूत मिटाने के जुर्म में सजा सुनाई है। उसे हत्या के लिए मौत की सजा सुनाई गई है। अन्य अपराधों के लिए उसे अलग-अलग मामलों में उम्रकैद से लेकर सात साल की जेल सजा दी गई है।
विभिन्न अपराधों के लिए उस पर 3,000 से 1,000 रुपये तक का जुर्माना भी लगाया गया है। करीब 122 दिन तक सुनवाई चलने के बाद अदालत ने 27 सितम्बर को कोली को अभियुक्त करार दिया था। मामले में 47 गवाहों ने अपनी गवाही दी। कोली की तरफ से सिर्फ पंढेर का ड्राइवर ही एकमात्र गवाह था।
रचना 10 अप्रैल, 2006 को एक स्थानीय दुकान से परचून का कुछ सामान खरीदने गई थी लेकिन वह वापस नहीं लौटी। इसके बाद उसके पिता ने पुलिस के पास शिकायत दर्ज कराई। बाद में मामला सीबीआई को सौंप दिया गया।












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