'रिहा होने पर पुलिस की नौकरी छोड़ देंगे'

'रिहा होने पर पुलिस की नौकरी छोड़ देंगे'

सलमान रावी

बीबीसी संवाददाता, रायपुर

माओवादियों ने पहले भी पुलिसकर्मियों का अपहरण किया है.

छत्तीसगढ़ में अपहृत पुलिसकर्मिंयों के परिवार की अपील है कि उन्हें छोड़ दिया जाए. एक पुलिसकर्मी के पुत्र ने कहा कि रिहा होने के बाद उनके पिता पुलिस की नौकरी छोड़ देंगे.

सरकारी उदासीनता के बाद जब छत्तीसगढ़ के बीजापुर ज़िले से अपह्रत पुलिसकर्मियों के परिजनों नें हैदराबाद में लोक कवि वरवर राव का दरवाज़ा खटखटाया तो नौ दिनों के बाद पहली बार राज्य की पुलिस के आला अधिकारियों की नींद खुली.

मंगलवार को नौ दिनों में पहली बार पुलिस के आला अधिकारी बीजापुर पहुंचे और सुरक्षा बलों की टुकड़ियों के बीजापुर पहुंचने का सिलसिला भी शुरू हो गया.

लेकिन अब भी नाउम्मीदी और उम्मीद के बीच माओवादियों के ज़रिए अपह्रत चार पुलिसकर्मियों की रिहाई का मामला फंसा हुआ है. हैदराबाद में लोक कवि वरवर राव से मिलने के बाद अपह्रत पुलिसकर्मियों के परिजनों को एक उम्मीद सी जगी है.

वरवर राव और स्वामी अग्निवेश नें भी माओवादियों से अपह्रत पुलिसकर्मियों को रिहा करने की अपील की है. वरवर राव नें कहा है कि माओवादी मानवता के आधार पर इन सभी पुलिसकर्मियों को रिहा कर दें.

माओवादियों ने रविवार की रात पर्चे छोड़े थे और कहा था कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे पुलिसकर्मियों को मार देंगे.

माओवादियों का कहना है कि जेलों में बंद उनके साथियों को छोड़ा जाए, फ़र्ज़ी मुठभेड़ों की न्यायिक जांच की जाए और सरकार वार्ता की पहल करे.

मंगलवार को छतीसगढ़ के पुलिस महानिदेशक विश्वरंजन नें बीबीसी से कहा, "ज़रूरी नहीं है हम हर बात मीडिया को बता दें. हम कोशिश में लगे हैं."

वहीं अपह्रत सहायक उप निरीक्षक सुखराम भगत के पुत्र अरविंद भगत नें हैदराबाद से लौटने के दौरान बीबीसी से फ़ोन पर बात करते हुए कहा, "अपने पिता के विभाग से हमें बहुत निराशा मिली. कोई हमारे साथ नहीं है. बीजापुर के एसपी कहते हैं कि जंगल में नहीं जाया जा सकता. कोई आला पुलिस अधिकारी हमसे ना मिलने आया ना हमारे आंसू ही पोछे."

अरविंद ने माओवादियों से अपने पिता और उनके साथ अपह्रत पुलिसकर्मियों को रिहा करने कि अपील करते हुए कहा, "माओवादी आख़री ग़लती समझकर माफ़ कर दें. रिहा होने के बाद वह पुलिस की नौकरी छोड़ देंगे. मेहनत मज़दूरी करके कमाएंगे."

सुखराम भगत के साथ अपह्रत बी टोप्पो, नरेन्द्र भोसले और सुभाष रात्रे के परिजनों नें भी माओवादियों से मार्मिक अपील की है. माओवादियों की 48 घंटों के अल्टीमेटम की मीयाद मंगलवार की शाम समाप्त हो रही है.

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