पश्चिमी उप्र में बाढ़ से 5 लाख हेक्टेयर फसल नष्ट
मुजफ्फरनगर, 23 सितम्बर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के पश्विमी हिस्से में बाढ़ की स्थिति और भयावह होती जा रही है। कई जिलों में राहत एवं बचाव कार्य में मदद के लिए सेना को बुलाया गया है। बाढ़ से अब तक पांच लाख हेक्टेयर से अधिक की फसल बर्बाद हो गई है और लगभग 11,000 मकान क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
राज्य में बाढ़ से सबसे अधिक 12 जिले प्रभावित हुए हैं जिनमें प्रमुख रूप से मुरादाबाद, बिजनौर, रामपुर, फरु खाबाद, हरदोई, शाहजहांपुर, मुजफ्फरनगर, लखीमपुर खीरी शामिल है। इन जिलों में बाढ़ से अब तक 87 लोग मर चुके हैं।
स्वास्थ्य विभाग ने भी 10 जिलों में अलर्ट जारी कर दिया है और इनमें मोबाइल टीमें गठित की गई हैं। बाढ़ के कारण पश्चिमी उत्तर प्रदेश रोडवेज की 1,000 बसें की आवाजाही रोक दी गई है। अब तक 150 से अधिक मवेशियों की मौत हो चुकी है और लोगों के सामने चारे का संकट पैदा हो गया है। प्रभावित लोगों के पास सरकारी मदद भी नहीं पहुंच पा रही है।
राज्य के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में अब तक 630 गांव पानी में डूब चुके हैं। राहत एवं बचाव कार्य में 3,500 नावें लगाई गई हैं। राज्य की 94 तहसीलें सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं। बाढ़ से इन जिलों में 78 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
मुजफ्फरनगर के जिलाधिकारी संतोष यादव ने कहा, "बाढ़ के कारण प्रभावित इलाकों में टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रस्ताव दिया गया है लेकिन मुख्यमंत्री के दौरे के बाद ही इसे अंतिम रूप दिया जाएगा।"
उन्होंने कहा कि प्रस्तावित राशि की मदद से लोगों के पुनर्वास के साथ ही भोजन, चिकित्सा व्यवस्था मुहैया कराई जाएगी। इसके अलावा संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए भी योजना बनाई गई है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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