राष्ट्रमंडल खेल : साख दांव पर, प्रधानमंत्री ने किया हस्तक्षेप (राउंडअप)

प्रमुख आयोजन स्थल जवाहर नेहरू स्टेडियम में मंगलवार को जहां ओवरब्रिज गिर गया जिसमें 27 श्रमिक घायल हो गए वहीं न्यूजीलैंड, स्कॉटलैंड, कनाडा और इजरायल ने अपने-अपने दलों के लिए आवंटित आवासों में घटिया रखरखाव और खराब बंदोबस्त की शिकायत की।

इन सबसे इतर एक आस्ट्रेलियाई चैनल ने कथित तौर एक स्टिंग आपरेशन के जरिये सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी।

खेल गांव में घटिया बंदोबस्त के बारे में कई देशों द्वारा शिकायत किए जाने के बाद प्रधानमंत्री ने दिल्ली के उपराज्यपाल तेजिंदर खन्ना को तलब किया और उन्हें निर्देश दिया कि वह खिलाड़ियों और अधिकारियों के लिए बनाए गए आवासों की साफ-सफाई और साज-सज्जा की निजी तौर पर निगरानी करें।

प्रधानमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा कि उपराज्यपाल प्रति दिन की स्थिति के बारे में प्रधानमंत्री को रिपोर्ट देंगे। खन्ना को तलब किए जाने के पहले कैबिनेट सचिव के.एम.चंद्रशेखर ने मंगलवार सुबह खेल गांव का दौरा किया और स्थिति के बारे में मनमोहन सिंह को एक रिपोर्ट सौंपी।

चंद्रशेखर ने खिलाड़ियों को रहने के लिए बनाए गए आवासों का दौरा किया और अधिकारियों से खेल गांव की साफ सफाई में तेजी लाने को कहा।

मंगलवार को जहां नेहरू स्टेडियम के पास एक फुटओवर ब्रिज गिर गया जिसमें 23 श्रमिक घायल हो गए वहीं न्यूजीलैंड, स्कॉटलैंड, कनाडा और इजरायल ने अपने-अपने दलों के लिए आवंटित आवासों में घटिया रखरखाव और खराब बंदोबस्त की शिकायत की।

नेहरू स्टेडियम में 3 अक्टूबर से शुरू हो रहे राष्ट्रमंडल खेलों का उद्घाटन समारोह होना है। इसी स्टेडियम में समापन समारोह भी होगा। खिलाड़ियों के दल गुरुवार से खेलगांव में पहुंचने भी शुरू हो जाएंगे।

इस बीच, राष्ट्रमंडल खेल महासंघ (सीजीएफ) के अध्यक्ष माइकल फेनेल ने कहा कि खेलगांव के कुछ हिस्से खिलाड़ियों के रहने के लायक नहीं हैं। फेनेल ने खेलगांव की स्थिति दुरुस्त करने के लिए आयोजन समिति को 24 घंटे का समय दिया।

खेल गांव में 34 टॉवरों में 1168 अपार्टमेंट हैं जिसमें करीब 7000 से अधिक खिलाड़ियों और अधिकारियों के रहने की व्यवस्था की गई है।

फेनेल ने कहा कि आयोजन समिति को खेल गांव की कमियों को लेकर 'त्वरित कार्रवाई' करनी चाहिए क्योंकि गुरुवार से जब नियमित तौर पर यहां टीमों का आना शुरू हो जाएगा, तब खेल गांव में किसी प्रकार का सुधार कार्य संभव नहीं हो सकेगा।

सीजीएफ के मुख्य कार्यकारी अधिकारी माइक हूपर ने राष्ट्रमंडल खेलों के लिए तैयार खेलगांव में सफाई की स्थिति को लेकर असंतोष जाहिर किया और उसे 'गंदा' करार दिया।

हूपर ने कहा, "हमने साफ-सफाई को लेकर पहले ही एहतियात बरतने की बात कही थी। ऐसे में जबकि खिलाड़ियों के यहां पहुंचने में दो दिनों का समय रह गया है, खेल गांव में सफाई की स्थिति अच्छी नहीं है। यह बेहद निराशाजनक बात है।"

न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री जॉन की ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए बनाए गए खेल गांव में अगर सफाई और स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें बनी रहीं तो उनका देश किसी भी हाल में खिलाड़ियों को राष्ट्रमंडल खेलों के लिए नई दिल्ली नहीं भेजेगा।

की ने कहा कि ऐसे में जबकि सीजीएफ ने खेलगांव को गंदा करार दिया है, खिलाड़ियों को नई दिल्ली भेजने के बारे में गंभीरता से विचार किया जाएगा।

केंद्रीय शहरी विकास मंत्री जयपाल रेड्डी ने मंगलवार को जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम के समीप हुए हादसे को 'छोटी गड़बड़ी' बताते हुए कहा कि राष्ट्रमंडल खेल 'शानदार रूप से सफल होंगे।'

उन्होंने कहा, "मैं खेल की तैयारियों को लेकर जरा भी चिंतित नहीं हूं। मैं खेलों के आयोजन को लेकर आश्वस्त हूं। हम एक बहुत ही सफल आयोजन करने वाले हैं।"

राष्ट्रमंडल खेल आयोजन समिति (सीजीओसी) के महासचिव ललित भनोट ने कहा कि खेलगांव में साफ-सफाई को लेकर आगंतुकों की चिंताओं को दूर किया जाएगा और 36 घंटे में स्वच्छता के बेहतर मानक स्थापित किए जाएंगे।

खेल गांव में आवास स्थलों में गंदगी की खबरों पर प्रतिक्रिया देते हुए भनोट ने कहा कि एक व्यक्ति के लिए स्वच्छता का पैमाना दूसरे व्यक्ति से अलग हो सकता है। एक व्यक्ति के लिए जो चीज साफ है, हो सकता है कि दूसरे व्यक्ति के लिए वह साफ न लगे।

उधर आस्ट्रेलियाई चैनल न्यूज 7 ने अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया कि राष्ट्रमंडल खेलों की सुरक्षा संदेह के घेरे में है। चैनल के एक संवाददाता ने दिल्ली में ही विस्फोटक खरीदे और उन विस्फोटकों लेकर जवाहर नेहरू स्टेडियम में ले जाने में सफल रहा। चैनल के मुताबिक इस दौरान उससे किसी भी सुरक्षाकर्मी ने जांच पड़ताल नहीं की।

केंद्रीय गृह सचिव जी.के पिल्लै ने कहा है कि सुरक्षा के इंतजामात अंतिम दौर में हैं। इसे सुरक्षा में चूक नहीं कहा जा सकता।

दिल्ली पुलिस ने इस स्टिंग आपरेशन को ही फर्जी करार दिया है। दिल्ली पुलिस के प्रवक्ता राजन भगत ने एक समाचार चैनल से कहा कि यह स्टिंग आपरेशन फर्जी है। इसमें साजिश की बू नजर आती है। जहां तक रही सुरक्षा व्यवस्था की बात तो सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद है और कोई परिंदा भी पर नहीं मार सकता है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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