कृषि क्षेत्र की विकास दर 5 प्रतिशत रहेगी : मोंटेक
नई दिल्ली, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। कृषि क्षेत्र में चार से पांच प्रतिशत की विकास दर की संभावना के चलते देश की विकास दर 8.5 प्रतिशत की अनुमानित दर से ज्यादा रह सकती है साथ ही इससे खाद्य महंगाई दर छह प्रतिशत से नीचे लाने में भी मदद मिलेगी।
योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने एक निजी चैनल सीएनबीसी टीवी 18 को दिए साक्षात्कार में यह बात कही।
अहलूवालिया ने कहा, "यह बात निश्चित है कि इस साल कृषि क्षेत्र की विकास दर चार प्रतिशत से ज्यादा रहेगी। मेरा अनुमान है कि यह पांच प्रतिशत या छह प्रतिशत के आस-पास रहेगी।"
कृषि क्षेत्र की पांच से छह फीसदी विकास दर को अभूतपूर्व बताए जाने पर अहलूवालिया ने कहा कि इससे देश की संपूर्ण विकास दर को 8.5 प्रतिशत से ज्यादा रखने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा, "यह दर अभूतपूर्व नहीं कही जा सकती क्योंकि इससे पहले के साल कृषि क्षेत्र की विकास दर केवल 0.2 प्रतिशत रही थी इसलिए दो साल की औसत विकास दर तीन प्रतिशत रहेगी।"
देश की विकास दर 8.5 प्रतिशत से ज्यादा रहने के विषय पर उन्होंने कहा, "यदि कृषि क्षेत्र की विकास दर पांच प्रतिशत के करीब रहती है तो इससे कुल विकास दर में करीब एक प्रतिशत जुड़ जाता है।"
अहलूवालिया ने कहा, "पिछले साल देश की विकास दर 7.4 प्रतिशत रही थी, इसलिए केवल कृषि क्षेत्र की विकास दर के चलते ही यह दर 8.4 से 8.5 प्रतिशत हो जाएगी। बाकी क्षेत्रों में भी अच्छी तेजी दर्ज की जा रही है इसलिए विकास दर 8.5 प्रतिशत से ज्यादा रह सकती है।"
उन्होंने कहा, "हालांकि मैं अभी इसकी औपचारिक समीक्षा नहीं करना चाहूंगा। इसके लिए हमें उद्योगों पर आधार प्रभाव के बारे में जानना जरूरी है।"
अहलूवालिया ने कहा, "दूसरी तिमाही में पहली तिमाही की तुलना में आधार प्रभाव देखने को मिलेगा। अब उद्योगों में कुछ नरमी के संकेत मिल रहे हैं लेकिन वर्ष के अंत तक उद्योगों की विकास दर दोहरे अंकों में रहेगी।"
अहलूवालिया ने कहा कि खाद्य पदार्थो की महंगाई दर छह से 5.5 प्रतिशत के स्तर पर आ जाएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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