बिहार में कई नए गांव बाढ़ की चपेट में
बाढ़ का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग 28 तथा बरौली-सीवान मार्ग के ऊपर से बह रहा है जिस कारण इन दोनों मागरें पर आवागमन ठप्प हो गया है। सिधवलिया प्रखंड के खजुरिया गांव में पानी फैल जाने के कारण इस प्रखंड में दहशत व्याप्त हो गया है तथा लोगों का पलायन प्रारंभ हो गया है।
अधिकारियों के अनुसार बाढ़ के पानी के कारण अब तक करीब 50 हजार की आबादी प्रभावित हुई है। गोपालगंज के जिलाधिकारी बाला मुरूगन डी ने मंगलवार को बताया कि बरौली प्रखंड में राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि प्रभावित लेागों को बरौली में बने पांच राहत शिविरों में पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अब तक 600 परिवारों को राहत शिविर में पहुंचाया गया है।
हालांकि उन्होंने बताया कि कई परिवार घर छोड़ने को तैयार नहीं हैं जिस कारण बचाव दल को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट चुका है।
जल संसाधन विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक टूटे हुए तटबंध की मरम्मत का कार्य प्रारंभ करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गंडक नदी के बाढ़ से बचने के लिए पायलट चैनल बनाने पर भी विचार किया जा रहा है।
इधर, राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव व्यास जी ने मंगलवार को बताया कि गोपालगंज में पांच मेगा राहत शिविर लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि राहत एवं बचाव के लिए गोपालगंज को 13़ 67 करोड़, छपरा को 4़ 54 करोड़ तथा सीवान को दस हजार रुपये उपलब्ध करा दिये गये हैं। उन्होंने बताया कि गोपालगंज में 10 हजार पोलिथिन शीट्स तथा छपरा को 14,500 पोलीथीन शीट्स उपलब्ध करा दिये गये हैं। गोपालगंज में राहत के लिए एक लाख क्विंटल अनाज तथा छपरा को 60 हजार क्विंटल अनाज उपलब्ध करा दिया गया है।
उल्लेखनीय है कि गोपालगंज के बरौली प्रखंड के सेमरिया गांव के पास रविवार को गंडक नदी का बचाव बांध टूट गया था जबकि 16 सितम्बर को मुख्य तटबंध टूट गया था। मुख्यमंत्री ने भी सोमवाार को प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण कर स्थिति का जायजा लिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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