व्यापार वार्ता में उठेंगे वीजा शुल्क और आउटसोर्सिग के मुद्दे
वाशिंगटन, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। राष्ट्रपति बराक ओबामा के नई दिल्ली दौरे से पहले हो रही भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में अमेरिकी वीजा शुल्क में वृद्धि और ओहियो प्रांत द्वारा आउटसोर्सिग पर पाबंदी का मसला उठ सकता है।
ओबामा के भारत दौरे से पहले दोनों देश किसी तरह की खटास नहीं चाहते हैं लेकिन भारत अमेरिकी की ओर से उठाए कुछ 'संरक्षणवादी' कदमों पर अपनी चिंता जाहिर कर सकता है। दोनों देशों के बीच मंगलवार को 'ट्रेड पॉलिसी फोरम' (टीपीएफ) की बैठक होगी। भारतीय पक्ष की अगुवाई कर रहे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री आनंद शर्मा अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि रॉन किर्क के साथ फोरम की सह अध्यक्षता करेंगे।
दोनों देशों के बीच वर्ष 2009-10 के दौरान 36.5 अरब डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार रहा। भारत के कुल सूचना प्रौद्योगिकी व्यापार का 60 फीसदी अमेरिका से होता है।
अमेरिकी सरकार की ओर से एच-1बी और एल-1 वीजा के कुछ श्रेणियों के शुल्क में बढ़ोतरी और ओहियो प्रांत में सरकारी विभागों द्वारा आउसोर्सिग पर रोक के अलावा भारत की चिंता उस कानून को लेकर भी है जिसमें अमेरिकी कंपनियों को अपने देश में ही आउटसोर्सिग करने पर सरकारी छूट का लाभ देने को कहा गया है।
भारत बैठक के दौरान अमेरिका के साथ प्रस्तावित संपूर्ण समझौते के जल्द क्रियान्वयन का मुद्दा भी उठा सकता है। इसके तहत कम समय के लिए अमेरिका में काम करने वालों को सामाजिक सुरक्षा कर के भुगतान से मुक्ति देने की बात है।
पिछले साल टीपीएफ की बैठक अक्टूबर में नई दिल्ली में हुई थी। भारत यहां 'प्राइवेट सेक्टर एडवाइजरी ग्रुप' (पीएसएजी) की बैठक में भी आउटसोर्सिग का मुद्दा उठाएगा। पीएसएजी का गठन भारत और अमेरिका दोनों ने मिलकर किया है ताकि आपसी आर्थिक और वाणिज्यिक रिश्तों को प्रगाढ़ बनाया जा सके।
'फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री' (फिक्की) के अध्यक्ष राजन भारती मित्तल ने सोमवार को कहा, "हम पीएसएजी की बैठक में आउटसोर्सिग का मुद्दा उठाएंगे। एक ओर हम मुक्त बाजार की बात करते हैं और दूसरी पाबंदिया लगा रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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