दिल्ली में यमुना खतरे के निशान से ऊपर (लीड-1)
दीक्षित ने संवाददाताओं से कहा, "स्थिति गंभीर है लेकिन हमने सभी जरूरी इंतजाम कर लिए हैं।"
हरियाणा से 7.44 लाख क्यूसेक जल छोड़े जाने के बाद यमुना का जलस्तर मंगलवार सुबह बढ़कर 206.16 हो गया है जो खतरे के निशान से 1.33 मीटर ऊपर है।
केन्द्रीय जल आयोग के मुताबिक बुधवार को जलस्तर 207 मीटर तक पहुंचने का अनुमान है जो खतरे के निशान से 2.17 मीटर ऊपर होगा।
कश्मीरी गेट पर स्थित बाढ़ नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने कहा, "मंगलवार सुबह जलस्तर 206 मीटर से ऊपर चला गया, इस कारण हमें ओल्ड रेलवे पुल को बंद करना पड़ा।"
पुल के बंद होने से दिल्ली और उत्तर प्रदेश को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-24 पर वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है और उससे निकलने वाली सड़कों पर जाम की स्थिति है।
ओल्ड रेलवे पुल का निर्माण 1868 में हुआ था। एक रेलवे अधिकारी ने बताया कि इस पुल के बंद होने के बाद रेल यातायात भी प्रभावित हुआ है और पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन से चलने वाली दो दर्जन से ज्यादा रेलगाड़ियों का मार्ग परिवर्तित किया गया है।
हरियाणा के हथनिकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद दिल्ली में यमुना का जलस्तर 204.3 मीटर के खतरे के निशान से काफी ऊपर चला गया है।
यमुना में जलस्तर बढ़ने के साथ राजधानी के निचले इलाकों में बाढ़ की स्थिति है और न्यू उस्मानपुर, सरिता विहार, कालिंदी कुंज, जामिया नगर और वजीराबाद जैसे इलाकों को खाली कराकर वहां के लोगों को अस्थाई शिविरों में भेजा गया है।
दिल्ली के सिंचाई एवं बाढ़ नियंत्रण मंत्री राज कुमार चौहान ने सोमवार को कहा कि पिछले 100 सालों में ऐसा पहली बार हुआ है जब यमुना में इतनी ज्यादा मात्रा में जल छोड़ा गया है।
उन्होंने कहा, "सरकार ने स्थिति से निबटने के लिए पर्याप्त प्रबंध किए हैं। नदी के नजदीक करीब 75 बोटें, 68 गोताखोरों, नाविकों और राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन बल के एक दल को तैनात किया गया है।"
उन्होंने निचले इलाकों के लोगों से ऊपरी इलाकों में बने शिविरों में आने की अपील की है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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