नेपाल सरकार ने पूर्व नरेश को धार्मिक समारोह में शामिल होने से रोका
काठमांडू, 21 सितम्बर (आईएएनएस)। नेपाल में राजशाही के खात्मे के दो साल बाद पूर्व नरेश ज्ञानेंद्र बीर बिक्रम शाह मंगलवार को एक नए विवाद में उलझ गए। नेपाल सरकार ने सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पूर्व नरेश को अपने पैतृक भवन में आयोजित एक धार्मिक समारोह में हिस्सा लेने से रोक दिया।
ज्ञानेंद्र को बसंतपुर पैलेस में आयोजित इस समारोह में शामिल होने से अंतिम समय में रोक दिया गया। नेपाल के पूर्व शासक इसी महल से अपना शासन चलाते थे। इस कार्यक्रम को नेपाल में राजशाही की पुनस्र्थापना के अभियान का हिस्सा माना जा रहा था।
हिंदू संगठन युवा विश्व हिंदू महासंघ द्वारा आयोजित इस समारोह में नेपाल की जीवित देवियों के रूप में सम्मानित की जा चुकीं नौ पूर्व कुमारियों को भी शामिल किया गया। समारोह में 504 कुमारियों को भी आमंत्रित किया गया।
कुमारियों को परंपरागत रूप से शाही परिवार का संरक्षक माना जाता है। वर्ष 2008 में राजशाही के खात्मे के बाद नेपाल नरेश के अधिकार छीन लिए गए थे इससे उन्हें कुमारियों को भेंट देने का अधिकार भी समाप्त हो गया।
मंगलवार के समारोह को महासंघ द्वारा नेपाल में राजशाही की पुनस्र्थापना और नेपाल को हिंदू राज्य बनाने के अभियान का हिस्सा माना जा रहा था।
नेपाल की कार्यवाहक सरकार ने पूर्व नरेश को यह कहकर समारोह में हिस्सा लेने से रोक दिया कि राजधानी में इसी समय एक और कार्यक्रम होने के कारण वह पूर्व नरेश की सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं ले सकती।
काठमाडू में सत्ताधारी गठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी नेपाली कांग्रेस का अधिवेशन चल रहा है जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से हजारों प्रतिनिधि हिस्सा लेने के लिए आ रहे हैं।
गृह मंत्रालय ने कहा कि सुरक्षा बल अधिवेशन की सुरक्षा में लगा दिए गए हैं और अब वह पूर्व नरेश की सुरक्षा की जिम्मेदारी नहीं ले सकते।
महासंघ के प्रमुख राजन महाराजन ने कहा कि सरकार पूर्व नरेश को निगरानी में रखते हुए उन्हें समारोह में हिस्सा लेने से रोक रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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