उत्तराखण्ड में बारिश और भूस्खलन से 50 की मौत (लीड-1)

समूचे प्रदेश में बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। पिछल्ले चार दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश के चलते प्रदेश में भारी जन-जीवन की हानि हुई है, राज्य के आपदा न्यूनिकरण एवं प्रबंधन केंद्र ने बताया कि बारिश के कारण राज्य में राष्ट्रीय राजमार्ग सहित तमाम सड़कें भूस्खलन एवं बारिश के चलते बंद हैं, प्रसिद्ध चार-धाम यात्रा भी स्थगित है।

आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार बीते 24 घंटों में बादल फ टने, भूस्खलन व बारिश के कारण 50 लोगों की मौत हो गई है वहीं 15 लोग घायल हैं तथा 17 लोगों के लापता होने की खबर है। बारिश के चलते 53 मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुये है वही 210 मकानों के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त होने की खबर है।

केंद्र ने बताया कि स्थानीय पुलिस प्रशासन के साथ आईटीबीपी व सीमा सड़क संगठन के लोग राहत कार्य में जुटे हुए हैं लेकिन प्रकृति के आगे सब बेबस है। राहत कार्य में भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

हरिद्वार में गंगा खतरे के निशान से 2 सेमी ऊपर बह रही है। पानी के तेज बहाव के कारण भीमगौड़ा बैराज का एक दरवाजा क्षतिग्रस्त हो गया है गंगा में पानी बढ़ने से 20 गांव बाढ़ से त्रस्त हो गए हैं। प्रभावित गांव के लोगों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के लिए पुलिस प्रशासन को सेना की भी सहायता लेनी पड़ी है।

देहरादून में बारिश ने पिछले 40 सालों का रिकार्ड तोड़ दिया है। 1 जून से 20 सितंबर के बीच सन् 1966 में 2930 मिमी बारिश दर्ज की गई थी रविवार 19 सितंबर को बारिश 44 साल का रिकार्ड तोड़ते हुए 3000 मिमी का रिकार्ड पार कर दिया है।

यह जानकारी देते हुए राज्य मौसम केंद्र के निदेशक आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि सविवार को भी सुबह 8.30 बजे से लेकर शाम 8.30 तक देहरादून में 68.2 मिमी बारिश दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि अगले 24 घंटों में भी सामान्य से अधिक बारिश होने के आसार है।

उधर उत्तरकाशी में झमाझम बारिश का दौर जारी है, इसलिए हरिद्वार में खतरे के निशान से ऊपर बह रही गंगा के जलस्तर में फिलहाल कमी के आसार नहीं है। जिले में बारिया के कारण 8 मकान ढह गए हैं।

तराई जिला उधमसिंह नगर में भी बाढ़ ने तबाही मचा रखी है। जिले के खाटिमा और सितारगंज इलाके बाढ़ की सर्वाधिक चपेट में है, यहां अबतक दो लोगों के लापता होने की खबर है वही 11 मकान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं और 102 मकानों का आंशिक रूप से क्षति पहुंची है।

शनिवार को अल्मोडा में दो जगहों पर हुई बादल फटने की घटना में 26 लोग मारे गए हैं व 9 लोग अब भी लापता हैं। इस घटना में 25 मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त व 100 मकानों को आंशिक रूप से क्षति पहुंची है।

रविवार को नैनीताल जिले में बादल फटने की एक घटना में 11 जानें चली गई है और 3 लोग घायल हुए हैं जबकि इस घटना का शिकार एक व्यक्ति अभी भी लापता है।

बारिश के कारण हुई जानमाल की क्षति के बार में देखें तो चमोली में 3 व्यक्ति यों की मौत हुई है और 1 व्यक्ति घायल है, देहरादून में एक की मौत व एक घायल है तथा एक मकान के ढहने की सूचना है। उधमसिंह नगर में बाढ़ से 2 लोगों के लापता होने की खबर है वहीं पिथौरागढ़ में 3 लोग लापता हैं। यहां 8 मकानों को क्षति पहुंची है जबकि उत्तरकाशी में 8 मकान क्षतिग्रस्त हो गए।

सचिवालय स्थित राज्य के आपदा न्यूनिकरण एवं प्रबंधीकरण केंद्र में इस समय अफरातफरी का माहौल है, केंद्र के अधिशासी निदेशक डा पीयूश रौतेला के नेतृत्व में केंद्र की पूरी टीम प्रदेश के अलग-अलग जगहों से सूचना एकत्रित करने में जुटी हुई है लेकिन संचार तंत्र में दिक्कत होने के कारण जिलों से सूचना मिलने में केंद्र के कर्मियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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