उड़ीसा में अब मलेरिया का प्रकोप, 15 की मौत (लीड-1)
रायगाड़ा के जिलाधिकारी एन. बी. ज्वाला ने आईएएनएस को बताया, "पिछले कुछ हफ्तों में मलेरिया के मामले तेजी से बढ़े हैं।"
उन्होंने बताया कि हैजा और डायरिया (अतिसार) से निपटने के लिए प्रशासन द्वारा बनाए गए 22 स्वास्थ्य शिविरों और केंद्रों में मलेरिया के रोजाना औसतन पांच से सात मामले सामने आ रहे हैं।
ज्वाला ने बताया, "अधिकतर लोगों को तेज बुखार से ग्रसित देखा जा रहा है।"
गौरतलब है कि जिले के 11 प्रखण्डों में इससे पहले हैजा और जलजनित बीमारियों के चलते 40 लोगों की मौत हो चुकी है और 1,500 लोग संक्रमण की चपेट में आए थे।
ज्वाला ने बताया कि अब हैजा और डायरिया के मरीजों में कमी आने लगी है। उन्होंने कहा, "इसके पहले 30 से 40 मामले रोजना सामने आते थे, लेकिन अब इसके दो या तीन ही मामले देखे जा रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "अब नए खतरे के रूप में मलेरिया सामने आया है। प्रशासन ने हालात को संभालने के लिए 40 से अधिक चिकित्सकों और 100 से ज्यादा स्वास्थ्य अधिकारियों को तैनात किया है।"
राज्य स्वास्थ्य विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि मलेरिया की चपेट में आने के कारण जनवरी से अभी तक 15 लोगों की जान जा चुकी है।
उन्होंने बताया कि जुलाई में कम से कम 33,398 लोगों के खून के नमूने जांच के लिए भेजे गए थे। इनमें मलेरिया के 5,149 मामले सामने आए। जुलाई में इससे पांच लोगों की मौत हुई थी।
अधिकारी के मुताबिक अगस्त में 34,529 लोगों के नमूने की जांच की गई और इनमें मलेरिया के 7,122 मामले देखने को मिले और चार की मौत हो गई।
अधिकारी ने बताया, "मलेरिया से 150 से ज्यादा लोगों की मौत हो सकती है। कई नए गांव भी इसकी चपेट में हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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