कसाब मामले की सुनवाई 18 अक्टूबर से

न्यायमूर्ति रंजना देसाई और न्यायमूर्ति रंजीत मोरे की खण्डपीठ ने कसाब की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने सुनवाई के दौरान अदालत में खुद की उपस्थिति की अनुमति मांगी थी। अदालत ने कहा कि कसाब वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा। यह जानकारी कसाब की वकील फरहाना शाह ने दी।

शाह ने आईएएनएस को बताया, "अदालत के निर्देशानुसार, मैंने कसाब से मुलाकात की और इस मुद्दे पर चर्चा की। वह सुनवाई के दौरान अदालत में खुद उपस्थित रहना चाहता था।"

विशेष सरकारी वकील उज्वल निकम के नेतृत्व में अभियोजन पक्ष ने कसाब को आर्थर रोड केंद्रीय जेल से हर रोज बंबई उच्च न्यायालय लाए जाने को लेकर चिंता जाहिर की और कहा कि यह उसके लिए खतरनाक हो सकता है।

शाह ने कहा कि इन घटनाक्रम के मद्देनजर इस बात की संभावना न के बराबर है कि कसाब को अदालत लाया जाएगा। वह वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए अदालत में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगा, जैसा कि उसने सोमवार को किया।

शाह ने कहा कि वह कसाब की मौत की सजा के खिलाफ 27 सितम्बर तक अपनी याचिका दायर कर देना चाहती हैं।

ज्ञात हो कि विशेष न्यायाधीश एम.एल.ताहिलयानी ने 86 विभिन्न अपराधों में कसाब को दोषी पाया था और छह मई को उसे फांसी की सजा सुनाई थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+