सर्वदलीय प्रतिनिधिमंडल के नेताओं से मिले गिलानी (लीड-4)
हुर्रियत नेताओं ने पहले इस प्रतिनिधिमंडल से मिलने से इंकार कर दिया था। गिलानी ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता सीताराम येचुरी, मजलिस ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के असदुद्दीन ओवैसी से मुलाकात की। उनके साथ डीएमके के टी. आर. बालू, शिरोमणि अकाली दल के रतन सिंह अजनाला और तेलुगू देशम पार्टी के नमो नागेश्वर राव मौजूद थे।
गिलानी के प्रतिनिधिमंडल के साथ वार्ता से इंकार करने के बाद सदस्यों के साथ उनकी यह मुलाकात महत्वपूर्ण मानी जा रही है। मुलाकात के बारे में विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई है।
सूत्रों ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के ऐसे ही छोटे समूह की हुर्रियत के नरमपंथी धड़े के नेता मीरवाइज उमर फारुख से मुलाकात की है। इसके अलावा जम्मू एवं कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के नेता यासीन मलिक से मुलाकात करने की संभावना है।
इससे पहले, केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम की अगुवाई में कड़ी सुरक्षा के बीच 39 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल विशेष विमान से श्रीनगर पहुंचा और वीरान सड़कों से गुजरते हुए डल झील के समीप बने शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कंवेंशन सेंटर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल के सदस्य यहां मुख्य राजनीतिक दलों के नेताओं तथा प्रमुख नागरिकों से मुलाकात करेंगे।
घाटी में गत 11 जून से जारी हिंसा के ताजा दौर में अब तक 102 लोगों की मौत हो चुकी है। दल का मंगलवार को जम्मू दौरे का कार्यक्रम है।
चिदम्बरम ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा कि यह दल यहां खुले जहन के साथ आया है और उसकी यात्रा का मुख्य मकसद जनता से विचार-विमर्श करना, उसका पक्ष संयम से सुनना, कश्मीर को हिंसा के इस चक्र से निकालने का रास्ता तलाशना है।
चिदम्बरम के अलावा इस शिष्टमंडल में संसदीय कार्य मंत्री पी.के.बंसल, भारतीय जनता पार्टी के अरुण जेटली और सुषमा स्वराज, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के गुरुदास दासगुप्ता, नेशनल कांफ्रेंस के फारुख अब्दुल्ला और लोक जन शक्ति पार्टी के रामविलास पासवान शामिल थे। बंसल कांग्रेस की नुमांइदगी कर रहे हैं।
गिलानी ने पहले इस प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात से इंकार कर दिया था लेकिन बाद में उन्होंने प्रतिनिधिमंडल में शामिल कुछ नेताओं से जरूर मुलाकात की। हुर्रियत के नरमपंथी धड़े के नेता मीरवाइज उमर फारुख और जम्मू-कश्मीर लिबरेशन फ्रंट के नेता यासीन मलिक ने पहले कहा था कि वे भी इस शिष्टमंडल से नहीं मिलेंगे।
मीरवाइज ने कहा था कि यह दौरा एक 'मुखौटा और मजाक' है जबकि मलिक ने कहा कि वह प्रतिनिधिमंडल से नहीं मिलेंगे लेकिन उनकी पार्टी ने एक ज्ञापन सौंपा है।
मलिक ने कहा, "उन्हें कश्मीर की जनता की धड़कन को समझना चाहिए। इस दौरे का कोई मतलब नहीं यदि वे केवल यहां आकर चले जाना चाहते हैं।"
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने आईएएनएस से कहा कि प्रतिनिधिमंडल से बातचीत के लिए उनकी पार्टी ने वरिष्ठ नेता मुहम्मद दिलावर मीर के नेतृत्व में एक दल को भेजने का फैसला किया है।
उन्होंने सत्ताधारी नेशनल कांफ्रेंस के संदर्भ में कहा, "दौरे को सत्ताधारी पार्टी ने हाइजैक कर लिया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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