देश के कई हिस्से में बारिश और बाढ़ से स्थिति गंभीर (लीड-1)
नई दिल्ली/लखनऊ/पटना, 20 सितम्बर (आईएएनएस)। देश के कई हिस्सों में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से बाढ़ की स्थिति गंभीर हो गई है। उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और हरियाणा में बाढ़ से बड़ी तादाद में लोग प्रभावित हुए हैं।
उत्तराखण्ड से पानी छोड़े जाने तथा बारिश के कारण अब उत्तर प्रदेश के पश्चिमी जिलों में भी बाढ़ ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। रामगंगा और कोसी के उफान से पश्चिम के सात जिलों के सैकड़ों गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। बाढ़ से सड़क यातायात बुरी तरह से प्रभावित है।
बिजनौर, मुरादाबाद, अमरोहा, शाहजहांपुर, बरेली, फरु खाबाद और रामपुर में बाढ़ से बिगड़ते हालात के मद्देनजर प्रशासन ने हाई अलर्ट घोषित कर राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया है। इन जिलों में भारी बारिश से कुछ स्थानों पर रेलमार्ग डूबने का खतरा मंडरा रहा है। पिछले 24 घंटों के दौरान इन जिलों में करीब 90 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। साथ ही उत्तराखण्ड स्थित कालागढ़ व भमगोड़ा बांध से बड़ी मात्रा में पानी भी छोड़ा गया है।
बिजनौर के अपर जिलाधिकारी (वित्त) रेवा राम सिंह ने सोमवार को आईएएनएस को बताया कि नेहतौर के पास दिल्ली-हरिद्वार एनएच-74 के पानी में डूबने से मार्ग पूरी तरह से बंद हो गया। मुख्यमंत्री मायावती ने अधिकारियों को बाढ़ प्रभवित जिलों में बचाव कार्य युद्धस्तर पर चलाने के निर्देश दिए हैं। तराई और पूर्वी उत्तर प्रदेश के बाराबंकी, गोंडा, बहराइच, सीतापुर लखीमपुर खीरी व बस्ती जिले पहले से घाघरा और शारदा का कहर झेल रहे हैं। यहां बाढ़ से करीब 300 से ज्यादा गांव जलमग्न हो गए और करीब तीन लाख से ज्यादा आबादी बेघर होकर सड़क पर आ गई है।
बिहार के गोपालगंज जिले में गंडक नदी पर बने बचाव बांध के टूट जाने से यहां के करीब 50 गावों में पानी घुस गया है। सरकार इन क्षेत्रों में राहत एवं बचाव कार्य चला रही है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार सोमवार को प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करेंगे।
गोपालगंज के बरौली प्रखंड के सेमरिया गांव के पास रविवार को बचाव बांध टूट जाने के कारण सेमरिया, सोनबरसा, सलोना, मिर्जापुर ग्राम पंचायतों में बाढ़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है। बाढ़ का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग 28 पर मिर्जापुर के पास करीब तीन से चार फुट ऊपर बह रहा है जिस कारण इस मार्ग पर आवागमन रोक दिया गया है। राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव व्यास जी ने सोमवार को बताया कि अब तक करीब 50 गांवों में 50 हजार की आबादी प्रभावित हुई है।
दिल्ली में बाढ़ का खतरा फिर मंडराने लगा है। हरियाणा के हथिनि कुंड बैराज से सात लाख क्यूसेक से अधिक पानी यमुना नदी में छोड़े जाने के बाद दिल्ली में एक बार फिर बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। दिल्ली में यमुना का जलस्तर 205.83 मीटर तक पहुंच गया है जो खतरे के निशान से 0.65 मीटर ऊपर है। हथिनि कुंड से 7.44 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है जो बुधवार को दिल्ली पहुंच सकता है।
हरियाणा में यमुना का जलस्तर सोमवार को भी खतरे के निशान से ऊपर बना रहा। इसकी वजह से किनारे के गांवों में एक बार फिर से बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि करनाल, पानीपत और फरीदाबाद जैसे जिलों में फिर से बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार हथिनीकुंड बैराज से रविवार को यमुना में करीब सात लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस मौसम में इस बैराज से यमुना में छोड़े गए पानी की यह सर्वाधिक मात्रा है। राज्य सरकार ने करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और पलवल जिलों में बाढ़ की ताजा चेतावनी जारी की है और उनके उपायुक्तों को ऐहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।
हिमाचल प्रदेश में बारिश की वजह से पोंग बांध में सोमवार को पानी बहाव तेज हो गया हालांकि अधिाकरियों का कहना है कि चिंता कोई बात नहीं है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) के के.सी. राणा ने आईएएनएस को बताया, "सोमवार सुबह पोंग बांध में जल का बहाव बढ़ बया। रविवार को इसमें 8,000 क्यूसेक पानी का बहाव था जो बढ़कर 18,000 क्यूसेक हो गया है।"
पोंग बांध में सोमवार सुबह जलस्तर 1,393.14 फुट था हालांकि इसकी क्षमता 1,395 फुट की है। बीबीएमबी का कहना है कि वह निरंतर स्थिति पर नजर रखे हुए है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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