हरियाणा में फिर गहराया बाढ़ का खतरा

अधिकारियों का कहना है कि करनाल, पानीपत और फरीदाबाद जैसे जिलों में फिर से बाढ़ की चेतावनी जारी कर दी गई है। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार हथिनीकुंड बैराज से रविवार को यमुना में करीब सात लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। इस मौसम में इस बैराज से यमुना में छोड़े गए पानी की यह सर्वाधिक मात्रा है।

शिवालिक पहाड़ियों और उत्तराखण्ड के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश की वजह से जलस्तर बढ़ गया है। अधिकारियों के अनुसार बाढ़ का पानी करनाल और यमुनानगर जिलों के कुछ गांवों में भी प्रवेश कर गया है। इन जिलों में राहत कार्य जारी हैं।

हरियाणा सरकार ने करनाल, पानीपत, सोनीपत, फरीदाबाद और पलवल जिलों में बाढ़ की ताजा चेतावनी जारी की है और उनके उपायुक्तों को ऐहतियाती कदम उठाने को कहा गया है।

यमुना नगर जिले के उपायुक्त अशोक सांगवान ने आईएएनएस को बताया, "हमने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित स्थानों पर चले जाने को कहा है। हम उनकी हरसंभव सहायता सुनिश्चित करेंगे। हम हालात पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। बाढ़ की वजह से कई एकड़ इलाके की फसल को खतरा उत्पन्न हो गया है।"

इसके अलावा कालेसर, बाबूरामबास, माम्डुबास, तप्पूकमालपुर, पुनेहरी, बघवाली, जठलाना और संधाला-संधाली गांवों सहित 25 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

करनाल जिले में चौगाम, हांसू माजरा, गढ़ी बीरबल, गढ़पुर टापू, पलसोरा, हलवाना, नाबियाबाद, जाप्ती चापरा, सैयद चापरा, नागली और डेरा सिक्किलीगढ़ गांवों में बाढ़ का खतरा उत्पन्न हो गया है।

जुलाई में हरियाणा में आई बाढ़ में 30 से ज्यादा लोग मारे गए थे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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