बीएचयू : रैगिंग के नाम पर अश्लील एमएमएस, 4 छात्र गिरफ्तार
वाराणसी के लंका थाना प्रभारी मोहन यादव ने शुक्रवार को संवाददाताओं को बताया कि विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से गुरुवार देर रात मामला दर्ज कराने के बाद चार छात्रों आशीष गौतम, मोहित शुक्ला, गृजेश तिवारी और अनुज लाल को गिरफ्तार किया गया। यह मामला करीब एक साल पुराना है।
यादव ने बताया कि छह छात्रों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। अन्य आरोपी दो छात्र बीएचयू से पास होकर निकल चुके हैं। बीएचयू लंका थाना क्षेत्र के तहत आता है।
बी.कॉम द्वितीय वर्ष के छात्र अंकित (बदला नाम) की तरफ से आरोपी छात्रों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के करीब एक साल बाद बीएचयू प्रशासन हरकत में आया।
यह पूरा मामला अक्टूबर 2009 का है। पीड़ित छात्र ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा, "उसके सीनियर व सहपाठी छह छात्रों ने विश्वविद्यालय के बाहर ले जाकर उसकी बुरी तरह से पिटाई की और फिर कपड़े उतारकर अश्लील एमएमएस बनाया और उसे विश्वविद्यालय के छात्रों में बंटवा दिया। शिकायत करने पर जब उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हुई तो मैं अपने घर बक्सर (बिहार) चला गया।"
घर वालों की तरफ से विश्वविद्यालय जाकर पढ़ाई जारी रखने की बात कहे जाने पर अंकित फरवरी 2010 को वापस विश्वविद्यालय लौट आया। अंकित के मुताबिक, "मैंने अपने विभागाध्यक्ष से फिर से छात्रों के खिलाफ कार्रवाई के लिए गुहार लगाई तो मुझ्झसे कहा गया कि मामला काफी पुराना हो गया है। छात्र मुझ्झे फिर से प्रताड़ित करने लगे, जिसके बाद मैं फिर वापस घर चला गया। उपस्थिति कम होने के कारण मैं सत्र में फेल हो गया।"
अंकित ने बताया, "गत नौ सितंबर को मैं फिर से वापस बीएचयू आया। जब छात्रों ने उसे फिर प्रताड़ित करना शुरू कर दिया तो बीएचयू प्रशासन को पत्र लिखकर आरोपी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई न होने पर उसने जान देने की बात कही।"
बीएचयू के चीफ प्रॉक्टर एच. सी. एस. राठौर ने संपर्क करने पर आईएएनएस को बताया, "निश्चित रूप से यह जांच का विषय है कि अक्टूबर 2009 में पीड़ित की तरफ से दर्ज कराई गई शिकायत पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई। हमने इस संबंध में जांच के आदेश दे दिए हैं। आरोपी छात्रों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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