मुंडा ने विश्वास मत जीता (लीड-2)
झारखण्ड विधानसभा के अध्यक्ष सी.पी.सिंह ने मत विभाजन के बाद घोषणा की कि सदन ने मुंडा सरकार में विश्वास व्यक्त किया।
इस दौरान विधानसभा में अनुपस्थित रहने वाले पांच विधायकों में तीन पूर्व मंत्री शामिल हैं। ये तीनों फिलहाल जेल में हैं-ये एनोस एक्का, हरिनारायण राय और कमलेश सिंह हैं। दो अन्य विधायकों में एक कांग्रेस और दूसरा मार्क्सिस्ट कोआर्डिनेशन कमेटी से संबद्ध है।
विधानसभा भवन में जारी नवीकरण कार्य के चलते राज्य के प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थान (एटीआई) में बनाई गई अस्थाई विधानसभा में एक दिवसीय विधानसभा सत्र की बैठक हुई, जिसमें मुंडा का शक्ति परीक्षण हुआ।
सुबह 11 बजे सदन की कार्यवाही आरंभ होते ही झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के महासचिव व उपमुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विश्वास प्रस्ताव पेश किया। इसके बाद इस पर चर्चा आरंभ हुई।
विपक्षी सदस्यों ने आरोप लगाया कि यह सरकार नागपुर के किसी व्यापारी के चलते गठित हुई है, जो राज्य में खनन में रुचि रखता है।
झारखण्ड विकास मोर्चा-प्रजातांत्रिक के विधायक प्रदीप यादव ने कहा, "मुंडा सरकार का गठन नागपुर के तीन व्यापारियों की पहल पर हुआ है। खनिज पदार्थो को राज्य से बाहर ले जाने के लिए इस सरकार का गठन हुआ है।"
विपक्ष ने यह भी मांग की कि राज्य को अकालग्रस्त घोषित किया जाए। विपक्ष ने इस गठबंधन को बेमेल बताया और कहा कि यह जल्द ही टूट जाएगा।
विश्वास मत के दौरान अपने जवाब में मुंडा ने विपक्षी पार्टियों से अपील की कि वे एक रचनात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएं और इसके साथ ही उन्होंने आश्वस्त किया कि वह राज्य के विकास के लिए काम करेंगे।
उल्लेखनीय है कि मुंडा ने गत शनिवार को राज्य के आठवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण किया था। उन्होंने दो निर्दलीयों सहित झारखण्ड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), ऑल झारखण्ड स्टूडेंट्स यूनियन (आजसू) और जनता दल (युनाइटेड) के 45 विधायकों के समर्थन का दावा किया था।
झारखण्ड विधानसभा में वर्तमान में 80 सदस्य हैं। दो सदस्यों के असामयिक निधन के कारण विधानसभा की सदस्य संख्या 80 हुई है। राज्य की 82 सदस्यीय विधानसभा में एंग्लो-इंडियन समुदाय के एक सदस्य को मनोनीत किया जाता है।
80 सदस्यीय वर्तमान विधानसभा में भाजपा और झामुमो के 18-18, आजसू के पांच, जद (यु) के दो, कांग्रेस के 13, झारखण्ड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के 11, राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के पांच और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले), मार्क्सवादी समन्वय समिति, झारखण्ड पार्टी (एक्का), झारखण्ड जनाधिकार मंच और आरकेपी के एक-एक सदस्य हैं। तीन सदस्य निर्दलीय हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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