विषुवतीय लोमड़ी और ध्रुवीय भालू लुप्तप्राय प्रजातियों की सूची में
समाचार पत्र 'द डेली टेलीग्राफ' के मुताबिक ऐसा नहीं है कि जलवायु परिवर्तन से सिर्फ ध्रुवीय भालू के अस्तित्व को खतरा पैदा हो गया है। 'यूएस सेंटर फॉर बायोलॉजिकल डाइवर्सिटी' (सीबीडी) ने दावा किया है कि ध्रुवीय भालू के अलावा 17 अन्य ध्रुवीय जानवरों को क्षेत्र में तेजी से पिघलती बर्फ के कारण खतरा पैदा हो गया है।
वर्ष 2007 के बाद ध्रुवीय क्षेत्रों में समुद्री बर्फ अपने न्यूनतम स्तर पर पहुंच चुकी है। वैज्ञानिकों ने आशंका जताई है कि आने वाले 10 वर्षों में अधिकांश ध्रुवीय इलाकों से बर्फ गायब हो जाएगी।
सीबीडी की रिपोर्ट के लेखक शाये वूल्फ ने कहा है कि लोमड़ी, व्हेल, कस्तूरी बैल, वॉलरूस और सील की चार प्रजातियां खतरे में हैं। इनमें से सबसे अधिक खतरा ध्रुवीय भालू को है।
सीबीडी ने अपनी रिपोर्ट में लिखा है कि ध्रुवीय क्षेत्रों में अगर मौजूदा रफ्तार से तेल निकालने का काम चलता रहा तो कई प्रजातियों का नामो-निशान मिट जाएगा।
एक आंकड़े के मुताबिक दुनिया भर में पाए जाने वाले 19 तरह के ध्रुवीय भालुओं में से आठ अपने बच्चों की परवरिश ठीक से नहीं कर पा रहे हैं और इस कारण उनकी जनसंख्या में तेजी से कमी आ रही है। इसका मुख्य कारण ध्रुवीय क्षेत्रों में बर्फीले इलाकों का तेजी से सिमटना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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