हिसार में कर्फ्यू, सेना की मदद मांगी (लीड-1)
प्रदर्शनकारियों के नेताओं ने धमकी दी है कि यदि उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) का दर्जा दिए जाने की मांग तुरंत स्वीकार नहीं की गई तो वे अपने प्रदर्शन को दिल्ली तक ले जाएंगे और वहां तीन से 14 अक्टूबर तक होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों में व्यवधान उत्पन्न करेंगे।
जिले में दोबारा हिंसा फैलने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने के लिए जिला प्रशासन ने सेना से मदद मांगी है। जिले में सोमवार को जाट समुदाय के प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई लोग घायल हो गए थे। प्रदर्शनकारियों ने सरकारी और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया था।
राज्य सरकार के एक प्रवक्ता ने मंगलवार को चण्डीगढ़ में बताया, "हिसार जिले के सभी संवेदनशील इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया गया है। प्रशासन ने कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने और सार्वजनिक तथा निजी संपत्तियों को नुकसान से बचाने के लिए सेना की मदद मांगी है।"
हिसार के जिलाधिकारी युद्धवीर सिंह खयालिया ने कहा कि ऐहतियात के तौर पर ये कदम उठाए गए हैं।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने निजी क्षेत्र के एक बैंक, एक एटीएम मशीन और एक कॉटन मिल पर हमला बोल दिया। उन्होंने तेल टैंकरों और हरियाणा सरकार की दो बसों में भी आग लगा दी।
जाट समुदाय के प्रदर्शन से प्रभावकारी तरीके से नहीं निपटने की वजह से भूपिंदर सिह हुड्डा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार निशाने पर है। ज्यादातर जाट ग्रामीण हरियाणा में बसे हुए हैं और राज्य में इस समुदाय का राजनीतिक वर्चस्व है।
सोमवार को हरियाणा पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच मुठभेड़ हो गई थी, जिसमें एक युवक की मौत हो गई थी और करीब 50 लोग घायल हो गए थे। पुलिस ने मंगलवार को प्रदर्शनकारियों को रोकने का कोई प्रयास नहीं किया।
उपद्रव को देखते हुए हरियाणा रोडवेज ने प्रभावित इलाकों में अपनी सेवाएं स्थगित कर दी हैं। प्रदर्शनकारियों ने हिसार और दिल्ली से जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-10 को भी अवरुद्ध कर दिया।
प्रदर्शनकारी हिसार के पुलिस अधीक्षक पद से सोमवार रात को हटाए गए सुभाष यादव पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने तथा तत्काल गिरफ्तार करने की मांग भी कर रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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