भ्रष्टाचारियों ने 8 साल में 125 अरब डॉलर बाहर भेजे : रिपोर्ट
'ग्लोबल फाइनेन्शियल इन्टीग्रिटी' (जीएफआई) की रिपोर्ट कहती है, "बाहर भेजे जाने वाले धन में से ज्यादातर भारत में ही कमाया गया धन था जिसे अवैध तरीके से बाहर भेजा गया।"
'सेंटर फॉर इंटरनेशनल पॉलिसी' (सीआईपी) की शोध शाखा का कहना है, "भारत में भ्रष्टाचार के बढ़ने और अवैध कारोबार के चलते वित्तीय प्रवाह देश से बाहर की ओर हो रहा है।"
इसमें कहा गया है, "लभभग सभी विकासशील देशों की तरह भारत में भी भ्रष्टाचार व्याप्त है। भ्रष्ट राजनेता और भ्रष्ट कारपोरेट अधिकारी राजनीतिक और निजी क्षेत्र में इस्तेमाल के लिए भारतीयों की मदद के लिए इस्तेमाल होने वाली इस राशि को अवैध तरीके से बाहर भेज देते हैं।"
जीएफआई की अर्थशास्त्री कार्ली कर्सियो ने भारत से अवैध वित्तीय प्रवाह और गरीबी, भ्रष्टाचार व अपराध से इसके संबंध पर जारी हुई इस रिपोर्ट के विषय में एक ब्लॉग पर कहा है, "भारत में मानवता के खिलाफ इस भ्रष्टाचार को चुनौती देने के लिए हाल ही में किए गए प्रयासों को हिंसा का सामना करना पड़ा है।"
कर्सियो का कहना है कि भारत के वित्तीय रूप से विकास करने और बेहतर बुनियादी सुविधाओं के चलते ऐसा माना जाता है कि इसके साथ सभी भारतीय नागरिकों के रहन-सहन के स्तर में सुधार होता है और लोगों की आय में अंतर कम होता है जबकि वास्तविकता यह है कि समय के साथ भारतीयों की आय में असमानता बढ़ी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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