राजा को सर्वोच्च न्यायालय का नोटिस (लीड-1)
नई दिल्ली, 13 सितम्बर (आईएएनएस)। सर्वोच्च न्यायालय ने 2जी स्पेक्ट्रम लाइसेंस आवंटन मामले में सोमवार को संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री ए. राजा को नोटिस जारी किया। अदालत ने यह नोटिस एक याचिका पर जारी जारी किया है।
याचिका में अदालत की निगरानी में मामले की केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की मांग की गई है।
न्यायमूर्ति जी.एस. सिंघवी और न्यायमूर्ति ए.के.गांगुली की खण्डपीठ ने यह नोटिस जारी किया है और 10 दिनों के भीतर जवाब देने को कहा गया है।
याचिका में कहा गया है कि दूरसंचार विभाग, भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई), कारपोरेट संस्थाओं के वरिष्ठ अधिकारियों व दलालों के साथ ेही वर्तमान केंद्रीय कैबिनेट मंत्री ए.राजा प्रत्यक्ष तौर पर 70,000 करोड़ रुपये के घोटाले में लिप्त हैं।
यह याचिका सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन, टेलीकॉम वाचडाग और परंजय गुहा ठाकुर द्वारा संयुक्त रूप से दायर की गई है। याचिका में दिल्ली उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें इसी तरह की राहत के लिए दायर याचिका को खारिज कर दी गई थी।
राजा के अलावा केंद्र सरकार, सीबीआई, प्रवर्तन निदेशालय और आयकर निदेशालय को भी नोटिस जारी किया गया है।
याचिका में कहा गया है कि कॉरपोरेट दलालों के साथ राजा की बातचीत का टेप मौजूद है।
ज्ञात हो कि डीओटी ने 2जी स्पेक्ट्रम के लाइसेंस आवंटन में पहले आओ और पहले पाओ की नीति अपनाई थी। इसमें आवेदन करने की तारीख मनमानी तरीके से बदल दी गई तथा 575 आवेदकों में से मात्र 120 आवेदकों को लाइसेंस जारी कर दिया गया था।
यही नहीं लाइसेंस पाने में सफल रहीं कंपनियों को हिस्सेदारी बेचने और बड़ी धन राशि हासिल करने के लिए निजी तौर पर नीलामी आयोजित करने की भी अनुमति दे दी गई।
राजा के नेतृत्व में डीओटी द्वारा निभाई गई भूमिका को केंद्रीय सतर्कता आयोग (सीवीसी), सीबीआई, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) तथा आयकर महानिदेशालय को आपत्तिजनक ठहराया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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