मारे गए आरटीआई कार्यकर्ता शहीद हैं : मोइली
नई दिल्ली, 13 सितम्बर (आईएएनएस)। केंद्रीय कानून मंत्री एम.वीरप्पा मोइली ने सोमवार को कहा कि मारे गए सभी आरटीआई (सूचना का अधिकार) कार्यकर्ता शहीद हैं।
मोइली ने कहा कि मुखबिरों की सुरक्षा के लिए एक कानून संसद के शीतकालीन सत्र में पेश किया जाएगा। संसद का शीतकालीन सत्र मध्य नवंबर से शुरू होगा।
केंद्रीय सूचना आयोग द्वारा सूचना का अधिकार पर आयोजित दो दिवसीय सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए मोइली ने कहा, "अमित जेठवा और सतीश शेट्टी जैसे आरटीआई कार्यकर्ता शहीद हैं।"
सामाजिक कार्यकर्ता सतीश शेट्टी ने तेलंगाना, लोनावाला और पुणे के पास स्थित पिंपरी-चिंचवड़ में और उसके आसपास के इलाकों में भूमि घोटाले के कई मामलों का खुलासा किया था। लेकिन जनवरी महीने में शेट्टी की उनके आवास के पास ही निर्दयता से हत्या कर दी गई थी।
अमित जेठवा ने गिर के जंगली इलाके में अवैध खनन के खिलाफ आवाज बुलंद की थी। उसके बाद जुलाई महीने में अहमदाबाद में गुजरात उच्च न्यायालय के पास उनकी हत्या कर दी गई थी।
मोइली ने कहा, "इन आरटीआई कार्यकर्ताओं ने देश को बहुत योगदान किया है।" मुखबिरों की सुरक्षा के लिए एक कानून संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान पेश किया जाएगा।
पिछले महीने कैबिनेट द्वारा मंजूर किए गए इस विधेयक में केंद्रीय सूचना आयोग पर मुखबिरों की पहचान गोपनीय रखने की जिम्मेदारी होगी।
मोइली ने कहा, "मुखबिरों की गोपनीयता बनाए रखी जानी चाहिए।" उन्होंने कहा कि आरटीआई से देश का गौरव बढ़ा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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