हरियाणा में गुरुद्वारों के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम
जयदीप सरीन
चण्डीगढ़, 13 सितम्बर (आईएएनएस)। हरियाणा के सिख नेता जगदीश सिंह जिंदा द्वारा पंजाब की शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) के नियंत्रण वाले गुरुद्वारों को अपने कब्जे में लेने के लिए 15 सितम्बर की समयसीमा तय किए जाने के मद्देनजर सभी गुरुद्वारों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
प्रशासन ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस के कर्मियों को कुरुक्षेत्र, करनाल, अंबाला और अन्य जगहों के प्रमुख गुरुद्वारों के बाहर तैनात किया है। पुलिस को आशंका है कि जिंदा के नेतृत्व में सिख नेता गुरुद्वारों पर जबरन कब्जा करने की कोशिश कर सकते हैं।
कुरुक्षेत्र थाने के अधिकारी जयपाल सिंह ने बताया, "सुरक्षा कारणों से गुरुद्वारों के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।" पुलिस और जिला प्रशासन ने भीड़ को नियंत्रित करने के लिए गुरुद्वारों के निकट अवरोधक लगा दिए हैं।
हरियाणा के सिख नेताओं ने एसजीपीसी पर आरोप लगाते हुए कहा है कि राज्य के सिखों द्वारा करोड़ों रुपये की धनराशि (लगभग 10 करोड़ रुपये) का योगदान दिए जाने के बावजूद एसजीपीसी राज्य के गुरुद्वारों और सिखों की अनदेखी करती रही है।
जिंदा, हरियाणा में एक अलग एसजीपीसी के गठन की मांग कर रहे हैं और उन्होंने भूपेंद्र सिंह हुड्डा के नेतृत्व वाली सरकार के सामने राज्य के लिए एक नई समिति के गठन के लिए 15 सितम्बर की समयसीमा निर्धारित की है।
जिंदा ने कहा, "हरियाणा की हुड्डा सरकार ने पिछले वर्ष राज्य में अलग एसजीपीसी के गठन की घोषणा की थी। हमने इसके लिए लंबे समय तक इंतजार किया है। सरकार को हमारी समय सीमा के भीतर निर्णय लेना चाहिए।"
इधर, एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने कहा, "हमने हरियाणा सरकार से गुरुद्वारों के बाहर सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने के लिए कहा है। गुरुद्वारा के आतंरिक मामलों पर हम गौर करेंगे। पुलिस को भीतर जाने की जरूरत नहीं है।"
हरियाणा में एसजीपीसी के जिंदा गुट ने पिछले साल सितम्बर में गुरुद्वारा छठी पाठशाही का नियंत्रण अपने हाथ में ले लिया था। एक दिन बाद एसजीपीसी ने इसे दोबारा अपने हाथ में ले लिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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