श्रीनगर में ईद की नमाज के बाद हिंसक प्रदर्शन (लीड-1)

हुर्रियत कांफ्रेंस के उदारवादी गुट के प्रमुख मीरवाइज उमर फारुख ने ईदगाह मैदान में ईद की नमाज के बाद शहर के लाल चौक तक एक विशाल जुलूस की अगुवाई की। इससे पहले यह कार्यक्रम था कि नमाज अदा करने के बाद सभी लोग शांतिपूर्वक वहां से चले जाएंगे और त्योहार की खुशियां मनाएंगे।

हजारों लोगों से सादगीपूर्वक ईद मनाने का अनुरोध करते हुए मीरवाइज ने कहा, "आजादी हमारा जन्मसिद्ध अधिकार है और कश्मीर की युवा पीढ़ी ने तय किया है कि वह इसे किसी भी कीमत पर हासिल करके रहेगी।"

मीरवाइज ने कहा कि भारत को स्वीकार करना ही होगा कि एक कश्मीर अंतर्राष्ट्रीय विवाद है। उन्होंने कहा, "कश्मीर के मसले के अर्थपूर्ण समाधान के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने के वास्ते विसैन्यीकरण, राजनीतिज्ञों और युवकों की रिहाई, कठोर कानून हटाने और आजादी चाहने वालों के खिलाफ मुकदमे वापस लिए जाने चाहिए।"

मीरवाइज ने कहा कि कश्मीर में अलगाववादी आंदोलन के इतिहास के इस अहम मोड़ पर अलगाववादी नेताओं के बीच एकता महत्वपूर्ण है। उनके साथ जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ)के अध्यक्ष मोहम्मद यासीन मलिक भी थे।

एक खुफिया अधिकारी ने बताया, "शहर के लाल चौक तक जुलूस निकालने का मीरवाइज का फैसला यकीनन राष्ट्रविरोधी भावनाएं भड़काने वाला है।"

लाल चौक से लौट रही भारी भीड़ ने राज्य बिजली विभाग के एक कार्यालय की इमारत को आग लगा दी।

लाल चौक में मोटर साइकिल पर सवार सैकड़ों युवकों ने आजादी की मांग के समर्थन में नारेबाजी की। लाल चौक के क्लॉक टॉवर पर नारेबाजी कर रहे युवकों ने हरे झंडे फहराए।

इससे पहले हजरतबल में ईद की नमाज के बाद बड़ी संख्या में जमा लोगों ने वहां तैनात स्थानीय पुलिसकर्मियों की बैरके फूंक डालीं।

पुलिस अधिकारी ने बताया कि लोगों को तितर-बितर करने के लिए हवा में गोलियां चलाई गईं। इस गोलीबारी में किसी के घायल होने का समाचार नहीं है।

पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कर्मी विभिन्न संवेदनशील इलाकों में तैनात हैं और भीड़ द्वारा उकसावे वाले नारे लगाए जाने के बावजूद श्रीनगर में कहीं भी सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग नहीं किया।

अधिकारी ने बताया, "हालात तनावपूर्ण हैं और स्थिति पर पैनी नजर रखी जा रही है।"

उन्होंने बताया कि सुरक्षा बलों को संयम बरतने के निर्देश दिए गए हैं ताकि असामाजिक तत्वों के हिंसा भड़काने के नापाक इरादे पूरे न होने पाएं।

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने श्रीनगर के गुपकार में अपने निवास के समीप एक मस्जिद में ईद की नमाज अदा की।

लोगों को ईद की नमाज अदा करने और खुशियां मनाने का अवसर देने के लिए प्रशासन ने घाटी के किसी भी हिस्से में कर्फ्यू या प्रतिबंध नहीं लगाये।

घाटी के अन्य मुख्य शहरों से मिली जानकारी के अनुसार लोगों ने ईद की नमाज के बाद भारत विरोधी रैलियां निकालीं और आजादी की मांग के समर्थन में नारेबाजी की।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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